
मिथिला विश्वविद्यालय को केन्द्रीय विश्वविद्यालय बनाने का प्रस्ताव पास करे सीनेट: आइसा। Voice of Darbhanga

दरभंगा: आज ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएसन(आइसा) के द्वारा आज ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय में चल रहे सीनेट बैठक का घेराव किया गया। घेराव जुलुस विश्वविद्यालय चौरंगी, डिस्टेंस होते, मनोकामना मंदिर होते हुए नरगौना परिसर के गेट तक पहुंचा जहाँ पुलिस द्वारा रोकने पर झड़प के बाद वही धरना पर बैठ गए। मार्च का नेतृत्व आइसा राज्य कार्यकारणी सदस्य विशाल माझी ने किया।जुलुस में प्रदर्शनकारी ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय को केन्द्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा देने, देश के तमाम विश्वविद्यालय में रोहित एक्ट लागू करने, फीस वृद्धि वापस लेने,अनियमित सत्र को नियमित करने, भ्रष्ट कुलपति मुर्दाबाद, संघी कुलपति वापस मुर्दाबाद, आदि नारे लगा रहे थे। धरना की अध्यक्षता आइसा राज्य कार्यकारणी सदस्य मयंक कुमार ने किया। धरना को संबोधित करते हुए आइसा राज्य सह सचिव संदीप चौधरी ने कहा अगर ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय सीनेट के सदस्य ईमानदार होते तो आज तक ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय को केन्द्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा मिल गया होता। यह सीनेट के सदस्य चाहे वह राज्य सरकार के प्रतिनधि हो या चुनव के द्वारा चुने गए सदस्य हो ये लोग इस लिए कुलपति का चापलूसी करते हैं। चुकी ये लोग जब कोई बी एड कॉलेज खोलेंगे या कोई एम.एड कॉलेज खोलेंगे तब यही कुलपति का जरुरत पड़ेगा। इस सीनेट के सदस्य कुलपति के नेतृत्व ने पूरे विश्वविद्यालय के पैसा को बंदरबाट करते है और जो विरोध करता है उसे सीनेट की बैठक की बैठक में नहीं जाने देते है।
आगे उन्होंने कहा की पुरे देश में आज पुरे देश में दलित छात्रो पर हमला बढ़ा है। इसके लिए उन्होंने सीनेट सदस्य से अपील किया की सीनेट बैठक से रोहित एक्ट बनाने का प्रस्ताव पास कराया जाय।
धरना में आइसा के राज्य परिषद सदस्य दिलीप यादव, प्रिंस कर्ण,मोहम्मद सदाम हुसैन, संतोष सम्राट,के अलावा पंकज पासवान, राजन कुमार,रमन कुमार निराला, हरेराम कुमार, गोविन्द साहनी, आदि लोग शामिल थे।

