Home मुख्य मिथिला विवि में फ्रेन्च भाषा के प्रेरण वर्ग का शुभारंभ, सात विदेशी भाषाओं की होगी पढ़ाई। Voice of Darbhanga
मुख्य - April 6, 2017

मिथिला विवि में फ्रेन्च भाषा के प्रेरण वर्ग का शुभारंभ, सात विदेशी भाषाओं की होगी पढ़ाई। Voice of Darbhanga

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दरभंगा : ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सुरेन्द्र कुमार सिंह ने आज यहां कहा कि भू-मंडलीय करण के इस युग में विदेशी भाषाओं के ज्ञान की महत्ता प्रासंगिक है. सिर्फ डिग्री प्राप्त करने से नहीं, बल्कि भाषा का ज्ञान प्राप्त करने से विश्व बाजार में आपनी मांग बढ़ेगी है. कुलपति आज विश्वविद्यालय में विदेशी भाषा संस्थान में फ्रेन्च सीखने वाले छात्रों के प्रेरण वर्ग को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि विदेशी भाषा का ज्ञान रोजगार के लिए किसी भी अन्य विकल्प से अधिक लाभदायक है. कुलपति ने पुस्कालय भवन में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि भाषा मनुष्य के व्यकित्व में निखार लाती है. वहीं विदेशी भाषा के ज्ञान से आत्म विश्वास में वृद्धि होती है. उन्होंने कहा कि भाषा विशेष में संवाद सम्प्रेरण की क्षमता में भी गुणात्मक वृद्धि होती है. जिससे युवकों को रोजगार में मदद मिलती है. कुलपति ने कहा कि अंग्रेजी के बाद विश्व की दूसरी भाषा फ्रेन्च है. इस लिए फ्रेन्च भाषा की पढ़ाई लम्बे अरसे के बाद फिर शुरू की गई है. उन्होंने कहा कि जल्द ही जर्मन, स्पैनिश, जापानी सहित सात विदेशी भाषाओं के प्रमाण पत्र पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे. प्रो. सिंह ने कहा कि परंपरागत पाठ्यक्रम के अतिरिक्त बदले परिवेश के अनुरूप रोजगारोन्मुखी, कौशल विकसित करने के लिए  सात अन्य भाषा का पाठ्यक्रम शुरू करने की योजना है. कार्यक्रम की अध्यक्षता मानविकी संकाय अध्यक्ष प्रो. रामचंद्र ठाकुर ने की. वहीं विषय प्रवर्तन करते हुए विदेशी भाषा संस्थान के निदेशक प्रो. एसपी सिंह ने कहा कि 30 अगस्त 2016 को इसका प्रथम बैच का वर्ग आरंभ हुआ, लेकिन आधारभूत संरचना के अभाव में वर्ग स्थगित हो गया था. उन्होंने कहा कि वर्तमान कुलपति ने इसे गंभीरता से लिया और उनकी इस इच्छा शक्ति के फलस्वरूप कक्षाएं नियमित चलेंगी. इस मौके पर पुस्कालय विज्ञान संस्थान के निदेशक और अर्थशास्त्र विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. राम भरत ठाकुर ने ने भी विचार व्यक्त किए.

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