
मौनी बाबा की अग्रिम जमानत मामले पर 20 फरवरी को होगी सुनवाई।
दरभंगा: नाबालिग लड़की के साथ विधि-विरुद्ध कृत्य के आरोप में जिला महिला थाना कांड संख्या 182/25 के प्राथमिकी आरोपी कथित संत राम उदित दास उर्फ मौनी बाबा की अग्रिम जमानत याचिका पर सोमवार को पॉक्सो विशेष न्यायाधीश प्रोतिमा परिहार की अदालत में सुनवाई हुई।

बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने बहस में आवेदक को संत बताते हुए निर्दोष ठहराया और जमानत को स्वीकारयोग्य बताया। उधर, विशेष लोक अभियोजक विजय कुमार ने पॉक्सो एक्ट के गंभीर आरोपों का हवाला देते हुए याचिका को गैर-बजाय मानकर खारिज करने की मांग की। वादी के वकील सुशील कुमार चौधरी ने इसे सामाजिक अपराध करार देकर इसका पुरजोर विरोध किया।अदालत ने सुनवाई के बाद याचिका पर फैसला सुरक्षित रखते हुए अगली सुनवाई 20 फरवरी तय की।

प्राथमिकी बीएनएस की धारा 351(2), 352, 89, 64 तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 4/6 के तहत दर्ज है। इसमें आरोप है कि आरोपी ने नाबालिग पीड़िता की कथित शादी अपने भतीजे व शिष्य श्रवण दास उर्फ श्रवण ठाकुर से करा दी। श्रवण 17 जनवरी से जेल में है और उसकी जमानत 4 फरवरी को पॉक्सो कोर्ट से खारिज हो चुकी।सोमवार को कोर्ट परिसर में बड़ी संख्या में लोग जुटे रहे। अब जिले भर में 20 फरवरी के फैसले पर सबकी निगाहें टिकी हैं।

