Home Featured MSU के नेतृत्व में LNMU में छात्र उग्र, 15 सूत्री मांगों को लेकर छात्रों का प्रदर्शन।
Featured - मुख्य - July 30, 2025

MSU के नेतृत्व में LNMU में छात्र उग्र, 15 सूत्री मांगों को लेकर छात्रों का प्रदर्शन।

दरभंगा: ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय परिसर बुधवार को छात्र आंदोलन से गूंज उठा। मिथिला स्टूडेंट यूनियन (MSU) के नेतृत्व में हजारों छात्र-छात्राओं ने 15 सूत्री मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। बहुउद्देशीय भवन से निकली अनुशासित रैली ने विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार से प्रशासनिक भवन तक आमसभा का रूप ले लिया। छात्रों के हाथों में तख्तियां, बैनर और झंडे थे। पूरे परिसर में ‘MSU ज़िंदाबाद’, ‘छात्रसंघ चुनाव कराओ’, ‘कुलपति जवाब दो’, ‘डिग्री दो’, ‘रिजल्ट दो’ जैसे नारों की गूंज सुनाई दी।

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MSU के राष्ट्रीय अध्यक्ष विधाभूषण राय ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति नहीं, बल्कि व्यवस्था में सुधार के लिए है। “हमारा हक मांगना हमारा संवैधानिक अधिकार है,” उन्होंने कहा।

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मिथिलावादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अविनाश भारद्वाज ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि मिथिला के छात्रों को अब कोई डराकर नहीं रोक सकता। MSU विश्वविद्यालय संयोजक अमन सक्सेना ने कहा कि छात्र अब जाग चुके हैं—अब बहाली, रिजल्ट और नियमित सत्र की मांगों से पीछे हटने वाले नहीं हैं।

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विश्वविद्यालय अध्यक्ष अनीश चौधरी ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर 15 दिनों के भीतर कुलपति छात्र प्रतिनिधियों से संवाद नहीं करते, तो कुलपति आवास का अनिश्चितकालीन घेराव किया जाएगा। कोषाध्यक्ष नारायण मिश्रा ने कहा कि आज का जनसैलाब यह सिद्ध करता है कि MSU की आवाज अब पूरे मिथिला की आवाज बन चुकी है।

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छात्रों की प्रमुख मांगों में छात्रसंघ चुनाव की तिथि की घोषणा, स्नातक व पीजी सत्रों का नियमितीकरण, शिक्षकों व कर्मचारियों की बहाली, सभी कॉलेजों में पीजी की पढ़ाई, छात्रावास निर्माण, डिस्टेंस एजुकेशन की बहाली, लॉ कॉलेज में सीट बढ़ोतरी, परीक्षा परिणामों में पारदर्शिता, ऑनलाइन नामांकन की सुविधा में सुधार, विकलांग व दूरस्थ छात्रों के लिए विशेष सुविधा, लाइब्रेरी का डिजिटलीकरण, खेलकूद-सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा, स्वच्छता व सुरक्षा व्यवस्था, गर्ल्स हॉस्टल में सुविधा विस्तार और स्मार्ट क्लास व इंटरनेट सुविधा की व्यवस्था शामिल है।

इस आंदोलन में रजनीश प्रियदर्शी, प्रियंका मिश्रा, अर्जुन दास, आदर्श राय, अनीश कर्ण, इंद्र कुमार राज, प्रतीक सत्संगी, पिंटू यादव, सूरज ठाकुर, सोनू मेहता, रिमझिम कुमारी, मुस्कान कुमारी, आनंद कुमार, कुंदन भारती, अंकित, विश्वनाथ, किशन, कृष्णमोहन, सुमित, अमित सहित हजारों छात्र-छात्राएं शामिल रहे।छात्रों के आक्रोश और एकजुटता को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन की अगली रणनीति पर सबकी नजरें टिकी हैं।

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