पुलिस के सामने मुकेश पाठक ने लिया संरक्षण देने वाले नेता का नाम, अपराधी के खौफ से गवाह नहीं पहुच रहे अदालत।

26 दिसंबर 2015 को 75 करोड़ की रंगदारी नहीं देने के कारण बिहार के दरभंगा में सड़क निर्माण कंपनी के दो इंजीनियर को दिन दहाड़े गोली मार कर मौत की नीद सुला दी थी। उसी दोहरे हत्याकांड में अब एक नया खुलासा हुआ है अब इस मामले में कई नेता के भी नाम सामने आ रहे है जो इन्हें राजनितिक रंराक्षण दिया करते है। यह खुलासा किया है बिहार पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के चीफ संतोष झा के शार्प शूटर और कुखय्यात अपराधी मुकेश पाठक ने।
मुकेश पाठक ने पुलिस को दिए बयान में ना सिर्फ गैंग के पास अत्याधुनि हथियार AK 47 और AK 56 सहित लैस है बल्कि अपराध की घटना के बाद इन्हें बचाने और संरक्षण के लिए ऊपर बैठे राजनेताओ का भी नाम लिया । मुकेश पाठक ने पुलिस को दिए बयान में साफ़ कहा कि पूर्व विधायक राजन तिवारी और पूर्व सांसद रघुनाथ झा का भतीजा नविन झा का इन्हें आशीर्वाद प्राप्त था। पुलिस की अदालत को दिए केस डायरी से भी यह बातें स्पष्ट हो जाता है इतना ही नहीं इस दोहरे इंजिनियर हत्या काण्ड में शामिल बहेरी की तत्काल प्रखंड प्रमुख मुन्नी देवी को आज भी इन नेताओं से संपर्क में रह कर गवाहों को मैनेज करने का काम दिया गया है। मुन्नी देवी गैंग के मुखिया संतोष झा की बहन है और अभी इंजिनियर हत्याकांड में जमानत पर रिहा है।
संतोष झा और मुकेश पाठक की खौफ का ही असर है कि आठ दिन गुजर जाने के बाद भी पुलिस अब तक 11 गवाह में से एक भी गवाहको पेस कर पाई है। एक गवाह आया भी तो उसने यह कहकर पुलिस की फजीहत कर दी की उन्होंने कुछ नहीं देखा। संतोष झा की दबंगता पुलिस कस्टडी में भी खूब देखने को मिलती है जब भी संतोष झा को दरभंगा की अदालत में पेशी के लिए लाया जाता है उनके सारे गुर्गे उनके पाँव छू कर आशीर्वाद लेते रहते है और पुलिस मूक दर्शक बन यह सब देखती रहती है संतोष झा मानो कोई अपराधी नहीं बल्कि एक हीरो की तरह आता और जाता रहता है ।
हलाकि पुलिस को दिए बयान से साफ़ उलट मीडिया से बात करते हुए कहा कि इंजिनियर हत्या काण्ड से मेरा कोई सम्बन्ध नहीं बल्कि हत्या के दिन वह मेरठ में थे नाही इसमें किसी राजनेता का हाथ है पुलिस के ऊपर ऊपर से दबाब है इसलिए ऐसा कर रही है। इधर वचाव पक्ष के वकील मिडिया से बात करते हुए कहा की इस केश में पुलिस ने 11 लोगो को विटनेस बनाया है और 11 जुलाई से गवाही शुरू है और अब तक दरभंगा पुलिस ने मात्र 1 गवाह को पेश किया है।

