
नयी पहल: खिलाड़ियों को पहली बार सीनेट में मिली जगह।

दरभंगा: आज राजभवन के पत्र के आलोक में ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय एवं माननीय कुलपति प्रो. साकेत कुशवाहा के अनुशंसा के द्वारा अधिसद हेतु आजीवन दाता सदस्य के रूप में अधिसूचित किया गया है जिसमे मुख्यतः तीन सदस्य जो खेल जगत से मनोनीत किये गए है। मिथिला विश्वविद्यालय के इतिहास में सम्भवतः पहलीबार खेल एवं खिलाड़ियों को माननीय कुलपति महोदय द्वारा प्रमुखता से स्थान दिया गया है कुलपति महोदय का यह भरसक प्रयास रहा है कि हर क्षेत्र से अधिसद हेतु सदस्यों की उपस्तिथि होनी चाहिए जिससे विश्वविद्यालय में होनेवाले सभी प्रकार के गतिविधियों की जनकारी मिल सके। इसके साथ ही अपनी फोटोग्राफी से सबके दिलो में जगह बनानेवाले संतोष कुमार को भी सीनेट में जगह मिल गयी है।
सदस्यों में पूर्व खिलाड़ी 1. गगन कुमार झा जो वार्ड 12 के वार्ड पार्षद भी रह चुके है एवं एथेलेटिक्स के लंबी दौड़ के (5000- 10000) मीटर के साथ साथ इन्होंने 1999 में मिथिला विश्वविद्यालय का कबड्डी में भी विश्वविद्यालय के ओर से मध्य प्रदेश में आयोजित अखिल भारतीय अंतर विश्वविद्यालय कबड्डी टूर्नामेंट में प्रतिनिधित्व भी किया है एवम् अपने वार्ड के जूुझारू एवम् सजग कार्यकर्ता भी है ।2. संतोष कुमार, चंद्रधारी मिथिला विज्ञान महाविद्यालय के ओर से एथेलेटिक्स में 200-400 मीटर के धावक रहे है एवम् जिला स्तर से लेकर विश्वविद्यालय के अखिल भारतीय अंतर विश्वविद्यालय में विश्वविद्यालय के ओर से मडगांव, गोवा विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित फुटबॉल प्रतियोगिता में मिथिला विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व कर चुके है एवं वर्त्तमान में मिथिला फुटबॉल स्पोर्ट्स क्लब, दरभंगा में बच्चों को प्रशिक्षित कर रहे है । 3. मनीष राज वर्त्तमान में अच्छे फुटबॉल गोल किप्पर है एवं खेल के उच्चत्तर शैक्षणिक उपाधि के साथ साथ बेगुसराय से दरभंगा तक विभिन्न फुटबॉल क्लब एवम् खेल संस्था से जुड़े हुए है । इससे यह प्रतीत होता है कि माननीय कुलपति महोदय कॊ खेल पे भी उतना ही ध्यान रहा है जितना विश्वविद्यालय के अन्य सभी कार्यकलाप पर। निश्चित ही विश्वविद्यालय के विभिन्न इकाइयों में खिलाड़ियों को सदस्य हेतु बनाया जाना आनेवाले समय में विश्विद्यालय के खेल और खिलाड़ियों का मनोबल एवं खेल के प्रति इच्छाशक्ति मजबूत होगी और जिला, महाविद्यालय, विश्वविद्यालय से छात्रों को खेल हेतु नई दिशा और दशा का मार्ग प्रशस्त होगा।

