
नोटबन्दी से उतपन्न समस्या के विरोध में आहूत बंद में वामदलों ने झोंकी अपनी ताकत। Voice of Darbhanga

दरभंगा : नोट बंदी से उत्पन्न समस्याओं के विरोध में वामदलों के संयुक्त आहवान पर भाकपा माले, सीपीआई, सीपीएम और एसयूसीआई के कार्यकर्ता जिनमें महिलाओं कि संख्या भी अच्छी थी, ने प्रधानमंत्री मोदी के विरोध में नारे लगाते हुए सड़क एवं रेल यातायात को निशाना बनाया. दरभंगा स्टेशन पर बिहार संपर्ककांति एक्सप्रेस और लहेरियासराय में पटना-जयनगर इंटरसीटी ट्रेन के आगे धरना देकर कुछ देर के लिए यातायात बाधित किया. दरभंगा स्टेशन पर जीआरपी द्वारा कार्यकर्ताओं को हिरासत लिए जाने के बाद ट्रेन यातायात चालु हुआ. सीपीआई के जिला सचिव नारायण जी झा के मुताबिक दरभंगा स्टेशन पर उनके अलावा राम कुमार झा, राजीव चौधरी, राम नरेश राय, विश्वनाथ मिश्र, श्यामा देवी, कमला कांत ठाकुर, सुधीर कुमार राय, गोपाल प्रसाद सिंह, सुरेन्द्र दयाल, लाल कुमार, मुजाहिर आलम, शशि रंजन सिंह, शिव कुमार सहित कई शामिल थे. वहीं भाकपा माले के कार्यालय से जारी विज्ञप्ति के मुताबिक की बंदी पूरी तरह सफल रहा और 500 कार्यकर्ता गिरफ्तार किए गए. शहर में प्रवेश करने वाली सभी सड़के जाम रही और बहुत कम गाड़ियां चली. माले नेता ने बंद को सफल बताते हुए कहा कि इसका जन-जीवन पर व्यापक असर पड़ा. बंद के सर्मथन में जिला सचिव बैद्यनाथ यादव, आर.के शर्मा, सदिक भारती, हरि पासवान, नंदलाल ठाकुर, लक्ष्मी पासवान, न्याज अहमद, धर्मेश यादव सहित कई लोग शामिल थे. वहीं सीपीएम कि ओर से लहेरियासराय में श्याम भारती और प्रमोद सिंह ने नेतृत्व में माकपा कार्यकर्ताओं ने जुलूस निकाला. वहीं मंटु ठाकुर और दिलीप भगत के नेतृत्व में एनएच पर कंशी गांव के सामने सड़क जाम किया गया. बंद का असर दरभंगा बहेड़ी पथ में जगह-जगह देखा गया, लेकिन दिन के 2 बजे के बाद इस सड़क पर यातायात सामान्य दिखी. वैसे बंद को देखते हुए प्रशासन ने व्यापक प्रबंध किया था पर उसकी जरूरत ही नहीं पड़ी.

