Home मुख्य नोटबन्दी से उतपन्न किसानो की समस्या पर किसान सभा ने लिया चरणबद्ध आंदोलन का निर्णय। Voice of Darbhanga
मुख्य - December 15, 2016

नोटबन्दी से उतपन्न किसानो की समस्या पर किसान सभा ने लिया चरणबद्ध आंदोलन का निर्णय। Voice of Darbhanga

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दरभंगा: दरभंगा जिला किसान सभा द्वारा आयोजित प्रेस वार्त्ता लहेरियासराय गुदरी बाजार स्थित कार्यालय में आयोजित किया गया। वार्ता के दौरान सीपीएम के केंद्रीय पोलित ब्यूरो मेम्बर का0 विजयकांत ठाकुर ने कहा कि नोटबन्दी के चलते दलहन, तेलहन, गेहुॅ की बुआई आधी रह गयी है।चुॅकि 500/1000 के नोट के विमुद्रीकरण के बाद बैंको से निकालने की दिक्कत के चलते किसान को बीज, खाद, कीटनासक, डीजल की खरीद की क्षमता नहीं रही एवं मजदूरों को मजदूरी, जुताई का खर्चा आदि कामों के लिए किसानों के पास पैसे नहीं रहे।किसानों के पास नगदी का जरिया धान की बिक्री था।सरकारी धान खरीद अब- तक शुरू नहीं हुआ।पहले व्यापारी 900/1000 रू क्विंटल धान खरीदते थे।अब उनके पास भी नगदी की कमी थी।नये नीट नहीं थे।उन्होंने भी खरीदने से हिचकिचाना शुरू किया और दाम कम दिया।जिला के किसानों को धान बिक्री के मद में हजारों करोड घाटा हुआ और रब्बी की बोआई कमने या आबाद रब्बी का समुचित उपचार नहीं करने से उत्पादन कमने का घाटा भी किसानों को होगा।
पूंजीपतियों की संस्था ऐसोचेम ने कहा है कि पाॅच लाख नौकरियां खत्म हो गयी।खुदरा व्यापार में घोर मंदी है।पैसों की किल्लत से सब्जी उत्पादक किसानों की आय मारी गयी है।लोगों ने खरीद कम कर दिया है।केन्द्र सरकार ने अब तक 121 दफे कोई न कोई नियम बनाये हैं मगर नोटों की आपूर्ति कम रहने से उन नियमों से कोई लाभ नहीं मिल रहा है।एक हेक्टर गेहूॅ आबाद करने में 30 हजार का खर्चा आता है और पैसा रहते इतनी रकम आप नहीं निकाल सकते।पहले मोदी ने 50 दिन समय माॅगा था। 36 दिन बीते मगर 22 लाख नोंटों की खपत की आवश्यकता का एक चौथाई भी नोटों की आपूर्ति नहीं हुइ है।जरूरत के लायक नोटों की आपूर्ति में साल लग जायेंगे।
किसान सभा ने तय किया है कि इन सवालो पर सरकार की नाकामयावी का भंडाफोड़ करने के लिए सभी पंचायतों में किसान सम्मेलन किया जाय।पंचायत के बाद अंचल किसान सम्मेलन किया जाय।जिला सम्मेलन ऊघड़ा बहादुरपूर में किया जाय।
इन सम्मेलनों में नोटबन्दी, पर्चा की जमीन पर कब्जा, 10 डीसमील बास की जमीन, कब्जा की जमीन का पर्चा, जन-वितरण में छुटे तमाम लोगों को शामिल करने और धान क्रय जल्द शुरू करने की माॅगों को लेकर व्यापक किसान संघर्ष की शुरूआत की जाय। इसकी शुरूआत 27 दिसम्बर को बेनीपुर एव॓ विरौल अनुमंडल एवं 28 दिसम्बर को जिला समाहरणालय पर धरना दिया जाय। प्रेस वार्ता में सीपीएम के पोलित मेम्बर विजयकांत ठाकुर के अलावा अविनाश ठाकुर, ललन चौधरी, श्याम भारती आदि उपस्थित थे।

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