
महज दो धूर जमीन के विवाद में गयी जान! Voice of Darbhanga

दरभंगा: बुधवार की शाम भूमि विवाद में सरेशाम युवक की हत्या से बहादुरपुर थाना क्षेत्र का रघेपुरा गांव दहल गया है। मृतक विष्णुदेव पासवान के पिता राजकुमार पासवान होमगार्ड के जवान हैं। दूसरी ओर हमलावरों में शामिल कहे जानेवाला कामेश्वर पासवन पटना पुलिस में जमादार है। राजकुमार पासवान के अनुसार घटना से 24 घंटे पहले वह घर पर ही था। पूरी साजिश रचने के बाद वह गायब हो गया। उन्होंने बताया कि उनका पुत्र एमके कॉलेज में बीए पार्ट टू का छात्र था। वह मारपीट से हमेशा दूर रहता था। बावजूद, हत्यारों ने उसकी हत्या कर दी। राजकुमार पासवान के अनुसार गोली चलाने वाला कोई मवाली या गुंडा नहीं है। बल्कि, सीआरपीएफ का जवान राममोहन पासवान है। हालांकि, उसके साथ रहने वाले रामाशंकर पासवान, भीम पासवान, सूरज उर्फ धौली पासवान के पास भी रिवाल्वर देखा गया है। इन लोगों पर भी गोली व चाकू चलाने का आरोप है। साथ ही गौड़ी शंकर पासवान, गौड़ी पासवान, नकूल पासवान, रामकृष्ण पासवान पर भी घटना में शामिल होने व हथियार के साथ हमला करने का आरोप है। होमगार्ड जवान राजकुमार पासवान ने बताया कि आरोपी से जान बचाने के लिए पुलिस के पास चक्कर लगाते-लगाते थक गए। लेकिन, कोई सफलता नहीं मिली। देर शाम सभी ने मिलकर भाई की पत्नी चंदा देवी को मारपीट कर अधमरा कर दिया। इसकी शिकायत भी कोई सुनने को तैयार नहीं हुआ। पुलिस को आरोपियों ने मुठ्ठी में कर रखा था। यही कारण था घटना स्थल पर पुलिस नहीं पहुंची। इससे आरोपियों मन बढ़ गया। शाम होते ही पूरे परिवार को गोली मार देने का धमकी मिली। इस सूचना को भी पुलिस ने अनसुना कर दिया। बुधवार को आरोपियों ने तय कार्यक्रम के तहत पुत्र की हत्या कर दी। साथ ही भतीजा प्रवीण पासवान को चाकू मारकर जख्मी कर दिया। डॉ. एसके विश्वास ने बताया कि विष्णदेव पासवान की मौत गोली लगने से हुई है। अधिक खून बहने के कारण उसकी जिंदगी नहीं बचाई जा सकी।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आ गयी।गोली चलने व एक की मौत हो जाने की खबर जब पुलिस को लगी तो सभी हरकत में आ गए। एएसपी दिलनवाज अहमद के नेतृत्व में टीम ने छापेमारी कर दो युवकों को गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि असली हत्यारा पुलिस गिरफ्त से अब भी बाहर है। एएसपी श्री अहमद ने दावा किया है कि सभी हत्यारे बहुत जल्द पुलिस गिरफ्त में होंगे।
डीएमसीएच में एक तरफ विष्णुदेव पासवान का शव पड़ा था दूसरी ओर प्रवीण व चंदा देवी को बचाने के लिए चिकित्सक मेहनत करते नजर आए। लेकिन, विष्णुदेव की शव को देख उसके परिजन की चीत्कार से डीएमसीएच के मरीज व परिजन सहम गए। मृतक के परिजन को देख दर्जनों लोग भी रोने लगे। होमगार्ड के जवान राजकुमार पासवान सहित कई लोगों का बदन खून से लथपथ बना हुआ था। कभी दौर कर शव को देखने जाते थे तो कभी मीडिया के सामने आकर इंसाफ दिलाने की मांग कर रहे थे।
मृतक के चाचा अशोक पासवान ने विन्देश्वर पासवान की पत्नी से वर्ष 2011 में दो कठ्ठा 18 धूर भूमि रजिस्ट्री कराया था। बावजूद पूर्ण रूप से भूमि को कब्जा नहीं होने दिया। राममोहन पासवान आदि ने हाल के दिनों में उक्त भूमि के बगल में अपने परिवार के एक सदस्य का दाह संस्कार कर दिया। हालांकि, मृतक के पिता राजकुमार पासवान का कहना है कि बगल वाले भूमि में दाहसंस्कार किया गया था। लेकिन, हत्यारा का परिवार बेची गई भूमि पर ही दाहसंस्कार करने की बात कह वहां समाधी स्थल बनाने के लिए अड़े हुए थे। इस बात को लेकर दोनों पक्षों में तनाव बना हुआ था। बताया जाता है कि समाधी स्थल के लिए मात्र दो धूर भूमि की जरूरत थी।
मृतक के पिता राजकुमार पासवान ने पुलिस पर कार्रवाई करने में शिथिलता बरतने का आरोप लगाया है। लेकिन, पुलिस ने उनके आरोपों को खारिज कर दिया है। थानाध्यक्ष आरएन ¨सह ने बताया कि पुलिस पर लगाया गया आरोप गलत है। उन्होंने कहा कि बुधवार को मृतक परिवार ने शिकायत की। इसमें पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की।

