Home मुख्य पटना के बाद दरभंगा के पारस हॉस्पिटल में भी मृत का इलाज करने का मामला आया सामने।
मुख्य - August 20, 2016

पटना के बाद दरभंगा के पारस हॉस्पिटल में भी मृत का इलाज करने का मामला आया सामने।

IMG_20160820_214132_644सौजन्य:निशिकांत प्रसाद सिंह

दरभंगा। ऊंची दुकान फिंकी पकवान। पटना पारस अस्पताल की घटना अभी लोगो ने भुलाया भी नहीं था कि दरभंगा के पारस अस्पताल में भी ठीक वैसी ही घटना को दुहराया गया। परिजनों का साफ आरोप है कि मरीज की मौत हो चुकने बाद भी इलाज का नाटक खेला गया। वहीं मरीज़ की मौत पर हो रहे हंगामे को कवर करने पहुची मीडिया के लोगो से अस्पताल के पालतू बाउंसरों ने बदसलूकी । ना सिर्फ उसने धक्का मुक्की की बल्कि मीडिया के कैमरे पर हाथ मार कर बंद भी करा दिया।दरअसल 15 अगस्त को मधुबनी निवासी अशोक सिंह के पुत्र सन्नी सिंह को जहरीली अल्कोहल पीने के कारण तबियत बिगड़ने के बाद इलाज़ के लिए पारस अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पेसेंट में सुधार नहीं होने के कारण परिजन पटना ले जाना चाहते थे पर अस्पताल प्रशासन इन्हें बरगलाता रहा और मरीज को देखने भी नहीं दिया। परिजन ने आरोप लगाया कि सिर्फ पैसे बनाने के लिए अस्पताल लाश का इलाज़ करता रहा । तब से लेकर अब तक इलाज़ के नाम पर तक़रीबन तीन लाख रुपये अस्पताल प्रशासन ने परिजन से ले भी लिया । जब परिजन पटना ले जाने पर अड़ गए और ताना तानी होने लगी तो अस्पताल प्रशासन ने कहा कि उनका मरीज मर गया।

इधर इलाज़ कर रहे पारस अस्पताल के डॉक्टर ने परिजनों के आरोपो को खारिज़ करते हुए कहा कि पेसेंट जहरीली अल्कोहल का शिकार था और शुरू से ही कोमा की स्थिति में था। आज उसकी मौत हो गयी। उन्होंने यह भी माना कि अस्पताल अच्छी सुविधा देता है इसलिए ज्यादा पैसे लेता है।
एक बड़ा सवाल कि अल्कोहल पीने का मरीज अस्पताल आया तो इसकी सूचना पुलिस को क्यों नहीं दी गयी। नए कानून के लिहाज से अस्पताल प्रशासन को ऐसा करना जरूरी था।
वहीं दूसरी ओर,परिजनों के हंगामे के कारण पुलिस ने सन्नी की लाश को पोस्टमार्टम के लिए डीएमसीएच भेज दिया है।

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