Home मुख्य आजादी के बाद पहली बार मिली बिजली और दो महीने बाद ही फिर हो गया अँधेरा। Voice of Darbhanga
मुख्य - April 25, 2017

आजादी के बाद पहली बार मिली बिजली और दो महीने बाद ही फिर हो गया अँधेरा। Voice of Darbhanga

IMG_20170425_165442दरभंगा: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने दूसरे कार्यकाल में, जिस वक्त वह एनडीए के साथ गठबंधन में थे तब, चुनावी सम्मेलनों के दौरान लोगों से कहा करते थे कि 2015 तक सूबे के प्रत्येक गांवों में 24 बिजली पहुंचेगी. अगर बिजली नहीं पहुंचे तो उस इलाके में वोट मांगने नहीं जाऊंगा.

मगर अलीनगर प्रखंड क्षेत्र के अलीनगर गांव का वार्ड नंबर 14 स्थित है जहां के महादलित टोले में आजादी के 68 साल के बाद मात्र दो महीने पहले ग्रामीणों व समाजसेवी लोगों की पहल से वायरिंग का कार्य तो शुरू हुआ परंतु जैसे तैसे खानापूर्ति की कवायद पर ही काम किया गया. पुराने ट्रांसफार्मर को लगा कर सिर्फ औपचारिकता पूरी की गई.

जहां ट्रांसफार्मर लगने के बाद महज दो दिन तक ही गांव के लोगों को बिजली मिल सकी. ट्रांसफार्मर जलने के बाद से अभी तक कोई भी बिजलीकर्मी या नेता उक्त जगह का जायजा लेने नहीं पहुंचा है. बिजली विभाग की लापरवाही के कारण बिजली ठप है. लोग अंधरे के साये में रात बिताने को विवश हैं. घनी आबादी वाला यह वार्ड मुसहर समुदायों का है. जहां मुसहर के अलावा दूसरे दलित समाज के ही लोग अपना जीवनयापन करते हैं.

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