Home मुख्य आरटीआई की धौंस दिखाने वाले को दौड़ा दौड़ा कर पीटा। Voice of Darbhanga
मुख्य - November 29, 2016

आरटीआई की धौंस दिखाने वाले को दौड़ा दौड़ा कर पीटा। Voice of Darbhanga

img_20161130_071511_598

दरभंगा। लनामिवि परिसर मंगलवार की शाम एक बार फिर रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। करीब एक घंटे तक दो गुटों के बीच हुई मारपीट के कारण परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। सूचना मिलने पर विवि थाना पुलिस विवि परिसर पहुंची। तब जाकर स्थिति पर काबू पाया जा सका। बताया जाता है कि रोहित यादव के विरूद्ध कार्रवाई करने की मांग को लेकर छात्र समागम के प्रतिनिधिमंडल आज शाम कुलपति से मिलकर लौट रहे थे। इसी बीच रोहित ने छात्र समागम के सदस्यों को घेर लिया। इसके बाद छात्र समागम के सदस्यों ने रोहित यादव की धुनाई शुरू कर दी। प्रत्यक्षदर्शियों की माने तो छात्र समागम के सदस्य इतने गुस्से में थे कि रोहित द्वारा गलती मांगने पर भी कुछ सुनने को तैयार नहीं थे। रोहित की दौड़ा-दौड़ाकर पिटाई की। बताया जाता है कि पिटाई से बचने के लिए रोहित कुलपति कार्यालय की ओर भागे। लेकिन, विवि प्रशासन ने अंदर से गेट बंद कर लिया। इधर, छात्र समागम के प्रतिनिधियों का तेवर देख रोहित के साथ आए लोग भाग निकलने में ही अपनी भलाई समझी। पिटाई से जख्मी रोहित को इलाज के लिए डीएमसीएच में भर्ती कराया गया है।
छात्र समागम के लनामिवि अध्यक्ष नेजामुल होदा व प्रदेश उपाध्यक्ष मो. कलाम ने बताया कि सोमवार की शाम मो. इमामुल हक, मो. नजीफुर रहमान, मो. तारिक रहमानी के साथ वह छात्रों की समस्या के समाधान के लिए छात्र कल्याण अध्यक्ष के कार्यालय गए थे। इसी बीच मधुबनी जिले के लौकहा थाना क्षेत्र के धवाही निवासी संतोष कुमार सुमन के पुत्र व अपने को आरटीआई कार्यकर्ता कहने वाले रोहित यादव वहां पहुंच गए और अचानक गाली-गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर धमकी दी कि सभी को आईएसआई एजेंट घोषित करवाकर तिहाड़ जेल भेजवाकर गोली मरवा देंगे। साथ ही धक्का-मुक्की करके कार्यालय से बाहर निकाल दिया। इसकी शिकायत लेकर वे लोग आज कुलपति से मिले। कुलपति से मिलकर लौटने के क्रम में रोहित फिर से उनलोगों को घेर लिया। इसके बाद बेल्ट निकालकर और रिवाल्वर लहराते हुए हमला कर दिया।छात्र समागम के प्रतिनिधिमंडल का आरोप है कि रोहित अपने को आरटीआई कार्यकर्ता का धौंस दिखाकर छात्र, छात्र नेता, विवि के अधिकारियों को डराता रहता है। रोहित के आतंक से विवि में अशांति का माहौल बना हुआ है।
इस पूरे मामले पर रोहित यादव ने कहा कि वे आरटीआई कार्यकर्ता हैं। कई लोगों के विरूद्ध आरटीआई से सूचना मांगने पर कार्रवाई हुई है। उदाहरण देते हुए बताया कि विधान पार्षद डॉ. दिलीप कुमार चौधरी, इंजीनियर सोहन चौधरी, मारवाड़ी कॉलेज के प्राचार्य रहे डॉ. मुश्ताक अहमद के विरूद्ध कार्रवाई व जांच कमेटी बैठी। इन सभी के ईशारे पर उनपर हमला होना तय था। इसके लिए उसने डीएम, एसएसपी व डीजीपी तक से सुरक्षा की गुहार लगाई थी। लेकिन, उन्हें सुरक्षा मुहैय्या नहीं कराया गया। इस बीच छात्र समागम के माध्यम से उनपर जानलेवा हमला किया गया है। रोहित ने कहा कि छात्र समागम की कमेटी भंग है। इसका कोई अधिकारी नहीं है। ये लोग छात्र के नाम पर सिर्फ दलाली करते हैं।
रोहित यादव विवि के भवन में अनाधिकृत रूप से कब्जा कर रहते हैं। हालांकि, सूत्रों की माने तो विवि प्रशासन का रोहित को बरदहस्त प्राप्त है। इसके कारण रोहित विवि में राज करता है। इसको लेकर छात्र समागम ने कुलपति को अविलंब रोहित यादव को विवि भवन को परिसर से बाहर करने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि अगर रोहित के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज कर अविलंब विवि के भवन से हटाया नहीं गया तो छात्र समागम के सभी नेता 5 दिसंबर को 3 बजे शाम में विवि परिसर में आत्मदाह करेगी।

Share

Leave a Reply