
सपेरों की कला को किया जायेगा संरक्षित : मंत्री
बिहार में सपेरों की कमी को दूर किया जायेगा और इसकी कला को संरक्षित रखने के लिए बिहार सरकार उसे हर संभव मदद करेगी. कला संस्कृति एवं खेल मंत्री शिवचन्द्र राम ने दरभंगा अतिथि गृह में पत्रकारों से बात करते हुए कही. उन्होंने कहा कि बिहार के अंदर सपेरे विलिप्त होते जा रहे है. उनकी कला को संरक्षित करते हुए उन्हें मुख्य धारा में जोरा जायेगा और बिहार सरकार उन्हें सम्मानित भी करेगी.
कला एवं संस्कृति मंत्री ने कहा कि 18 अक्टूबर से बिहार में कला दिवस मनाया जायेगा. जो पूरे एक साल तक चलता रहेगा. इस दौरान कला एवं संस्कृति से जुड़े सभी कार्यक्रम प्रदर्शित किये जायेंगे और इसके कलाकार को भी सम्मानित किया जायेगा. उन्होंने कहा कि यक्षणी की मूर्ति को बिहार म्यूजियम में स्थापित किया जायेगा. उन्होंने कहा कि बिहार में कला को प्रोत्साहित करने के लिए बिहार सरकार हर संभव उपाय करेगी. उन्होंने कहा कि बिहार सरकार प्रत्येक प्रखंड में स्टेडियम बनाने को लेकर कृत संकल्पित है. खेल को बढ़ावा मिले, इसके लिए जिस स्टैडियम का उद्घाटन हो चुका है, उन्हें जल्द पूरा किया जायेगा और जिन जगहों पर उद्घाटन के बाद भी स्टेडियम का निर्माण नहीं हुआ है, इसके लिए जिलाधिकारी को जमीन उपलब्ध कराने का आदेश दे दिया गया है. साथ ही पुराने स्टेडियम को अत्याधुनिक बनाया जायेगा. उन्होंने कहा कि मोइनुलहक स्टेडियम को अंतर राष्टÑीय स्तर का बनाया जायेगा और यहां जल्द ही रंजी ट्रॉफी मैच खेले जायेंगे. उन्होंने डीसीसीआई पर बिहार के साथ भेद-भाव पूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि महाराष्टÑ में क्रिकेट के चार एसोसिएशन, गुजरात के तीन एसोसिएशन को मान्यता दी गई है, जबकि बिहार की आबादी उनसे ज्यादा है, बड़ी लाड़ाई के बाद सिर्फ बीसीए को ही मान्यता मिली है. उन्होंने कहा कि केन्द्र को बिहार के खेल को बढ़ावा देने के लिए आगे आना चाहिए. यहां खेल प्रतिभा की कमी नहीं है और यह सभी को जोड़ने का काम करती है.

