
आहत जिला उपाध्यक्ष ने की एनएसयूआई छोड़ने की घोषणा।

दरभंगा: गत 28 अगस्त को मारवाड़ी कॉलेज प्रांगण में पिटाई से घायल हुए कांग्रेस जिला महासचिव पिंकू गिरी के मामले को अनावश्यक एनएसयूआई के सदस्यता अभियान से जोड़ कर छात्रों को आपसी प्रतिद्वदिता का हथियार बनाने से आहत एनएसयूआई के जिला उपाध्यक्ष ज्ञानेंद्र झा ने आज अपने पद से इस्तीफ़ा देने की घोषणा की। श्री झा ने बताया कि घटना की निंदा वे भी करते हैं और दोषियों को सज़ा मिलनी चाहिए। पर वह घटना आपसी रंजिश का नतीजा थी। उसका एनएसयूआई के सदस्यता अभियान कार्यक्रम से कोई नाता नही था। पर इस घटना को कुछ नेताओं द्वारा जिस प्रकार राजनितिक रंग देकर छात्रों का राजनैतिक उपयोग की कोशिश की गायी वह कहीं से उचित नही था। छात्र पढ़ने आते हैं, मारपीट में पड़ कर केस मुकदमा में फंस कर कैरियर खराब करने नही। छात्रों के अभिवावक बड़ी उम्मीद से उन्हें पढ़ने भेजते हैं। इसप्रकार की खबरें अखबारों में पढ़ कर उन्हें कितनी तकलीफ होती होगी, इसका अंदाजा भी उन्हें हुआ। इसलिए वे फिलहाल अपनी पढाई पर ध्यान केंद्रित करेंगे और इसप्रकार की राजनीति से दूर रहेंगे। हालांकि कांग्रेस के नेताओ का उन्हें मनाने का प्रयास जारी है और उनका कहना है कि इसतरह संगठन छोड़ने से संगठन कमजोर होगा।

