Home मुख्य जब्ती सूची में ‘शराब युक्त’ को ‘शराब गंध युक्त’ बना कर उत्पाद विभाग ने बोतल से गायब कर दी शराब?
मुख्य - August 29, 2016

जब्ती सूची में ‘शराब युक्त’ को ‘शराब गंध युक्त’ बना कर उत्पाद विभाग ने बोतल से गायब कर दी शराब?

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दरभंगा। अभिषेक कुमार
25 अगस्त की रात उत्पाद विभाग द्वारा नशे की हालत में पकड़े गए भाजपा के नगर विधायक के भाई अजय सरावगी को आसानी से जमानत तुरन्त उसी दिन मिल जाने के बाद चर्चाओं का बाजार गर्म है। उत्पाद विभाग द्वारा नशे की हालत में होने परंतु शराब बरामद न होने की दलील पर भी एक प्रश्नचिन्ह उठने लगा है। वॉइस ऑफ़ दरभंगा को मिले कागजात में जब्ती सूची में छेड़छाड़ के संकेत मिले हैं। हिंदी वाक्य के बीच में जो शब्द जोड़े गए हैं वह कहीं न कहीं वाक्य के अर्थ को बदलने का प्रयास जैसा लग रहा है। जब्त सामग्रियों में दो लाइन लिखे गए। पहला वाक्य “”एक गंध युक्त शराब युक्त प्लास्टिक का बोतल”” जिसे बाद में सुधार कर एक शब्द जोड़ने का प्रयास कर “”एक गंध युक्त शराब गंध युक्त प्लास्टिक का बोतल”” बनाया गया। मतलब शराब युक्त प्लास्टिक के बोतल को शराब गंध युक्त बोतल बना दिया गया। देखा जाय तो इस वाक्य परिवर्तन से बोतल में शराब की जगह सिर्फ शराब की गंध बचाने की कोशिश की गयी है। इसी प्रकार जब पहले वाक्य में व्याकरण ख़राब हो ही गया तो दूसरे वाक्य “”तीन शीशे का गंध युक्त ग्लास”” को में अनावश्यक शब्द जोड़ते हुए ऊपर वाले वाक्य से मेल कराने केलिए “”तीन शीशे का शराब गंध युक्त ग्लास” बनाया गया है।
अब जब्ती सूची में क्या और कैसे लिखना है, इसका अनुभव उत्पाद अधीक्षक एवं निरीक्षक को न हो या उनका हिंदी व्याकरण इतना कमजोर है, ये पचने वाली बात नही लगती। चूँकि मामला हाई प्रोफाइल था तो इस गलती पर सवाल उठना लाजिमी है कि ये गलती हो गयी या जानबूझ कर “शराब युक्त” को “शराब गंध युक्त” बना कर बोतल में से शराब को गायब कर केवल गंध को छोड़ दिया गया ताकि केस कमजोर हो और अभियुक्तों को आसानी से जमानत मिल सके। बहरहाल पूर्ण विश्वास के साथ कुछ नही कहा जा सकता परंतु उत्पाद विभाग के कार्यकलाप पर निष्पक्ष उच्च स्तरीय जांच तो जरूर बैठाने का आधार तो जरूर बनता है।

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