
तो क्या दलबदलू नेता को नही रहा नैतिकता का ख्याल? Voice of Darbhanga

भवन मिश्रा की विशेष कवरेज:
यूँ तो आज के बदलते राजनितिक परिवेश में नेताओं से नैतिकता की उम्मीद रखना ही बेमानी है। पर दरभंगा शहरी विधानसभा अंतर्गत लहेरियासराय टावर के समीप कोर्ट गेट के सामने लगा दीवाली एवं छठ के शुभकामना का बड़ा होर्डिंग ख़ास चर्चा का विषय बन सकता है। करीब साल भर पहले वर्षों से कांग्रेस की सेवा करने वाले नेता डा0 मुरारी मोहन झा ने विधानसभा चुनाव से ठीक पहले भाजपा का दामन थामा। फ़िलहाल जिला भाजपा में भी कोई खास पद इन्हें नही मिल पाया। पर इन्होंने दरभंगावासियों को दीपावली एवं छठ की शुभकामना वाला जो होर्डिंग लगवाया है, उसमे राष्ट्रीय एवं प्रदेश नेताओ का तस्वीर तो दिया है पर न ही चार बार से भाजपा के स्थानीय विधायक और न ही जिलाध्यक्ष की तस्वीर दी है। पार्टी सूत्रों की माने तो ऐसा प्रोटोकॉल नही है पर नैतिकता यही कहती है कि यदि जिले का कोई कार्यकर्त्ता इस तरह का होर्डिंग लगाता है तो स्थानीय विधायक या जिलाध्यक्ष की तस्वीर देनी चाहिए थी और श्री झा भी फिलहाल भाजपा के कार्यकर्त्ता मात्र हैं। वहीँ पार्टी के कुछ विश्वसनीय सूत्रों ने नाम नही लिखने के शर्त पर बताया कि एक साधारण कार्यकर्त्ता के रूप में रहते हुए भी श्री झा खुद को जिला से ऊपर खुद को समझने के गुमान में है और उनकी नज़र आगामी विधानसभा चुनाव में बहादुरपुर विधानसभा पर है। एक कार्यकर्ता मात्र होते हुए श्री झा जिला भाजपा के कार्यक्रमो में आना भी शायद अपने अपने शान के खिलाफ समझते हैं पर कोई प्रदेश या राष्ट्रीय स्तर के नेता का कार्यक्रम हो तो आगे आगे फोटो खिंचवाते नजर आते हैं और यह भी पार्टी के अंदर कुछ नेताओं को खटकता रहता पर पार्टी हित को ध्यान में रखते हुए कोई इसे सार्वजनिक रूप से नही कहते। सोमवार को जिला भाजपा ने लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती मनायी और इसमें में ही श्री झा गायब रहे। कुल मिलाकर कहा जाय तो दलबदल कर भाजपा में आये एक कार्यकर्त्ता के रूप में श्री झा का व्यवहार लगातार पार्टी के जिलाध्यक्ष सहित वरीय नेताओं की उपेक्षा को कहीं न कहीं प्रदर्शित करता दिख रहा है।

