
बेटे को जबरन पुलिस ने उठाया तो महिला ने मानवाधिकार कार्यकर्ता से लगाई गुहार। Voice of Darbhanga

दरभंगा: लहेरियासराय थाना अभंडा निवासी मो0 खलील की पत्नी रिब्बानी खातून ने आरटीआई सह मानवाधिकार कार्यकर्ता एवं मानवाधिकार इमरजेंसी हेल्पलाइन एसोशियेशन के महासचिव सुरेंद्र भगत से मदद की गुहार लगायी है। अपने आवेदन में पीड़ित महिला ने आरोप लगाया है कि 30 नवम्बर की शाम करीब साढ़े सात बजे आवश्यक कार्य से बाज़ार गये उसके पुत्र मो0 सद्दाम को लहेरियासराय थाना के गौतम कुमार सिंह के साथ चार-पांच पैंथर के जवानों ने जबरन लाहेरियासराय टावर के पास घसीटते हुए पुलिस जीप में बिठा लिया। सूचना मिलने पर जब पीड़िता सदर पुलिस उपाधीक्षक के कार्यालय पहुंची तो उन्होंने एक न सुनी और भगा दिया। इसके बाद उक्त महिला ने वरीय पुलिस अधीक्षक को फोन पर सारी बात बतायी। पर कुछ नही हुआ। पीड़िता ने आशंका जाहिर की है पुलिस पदाधिकारियों द्वारा उसके पुत्र का अपहरण कर किसी मुकदमे में फसा कर हत्या करायी जा सकती है।
पूरे मामले के बारे में बताते हुए आरटीआई सह मानवाधिकार कार्यकर्ता सुरेंद्र भगत ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह पुलिसिया गुंडागर्दी का स्पष्ट मामला दिखता है क्योंकि गिरफ्तारी स्थल पर न ही अरेस्टिंग मेमो काटा गया, न ही जप्ती सूचि बनाया गया है और न ही पहले से कोई वारंट था। इसतरह यह पुलिस द्वारा स्पष्ट तौर पर अपहरण का मामला दिखता है और इस आशंका को प्रबल करता है कि किसी झूठे मुकदमे में गिरफ्तारी दिखा कर पुलिस वाहवाही लूटने का एक और कारनामा करेगी। अतः इस पुरे मामले की जानकारी उन्होंने पत्र के माध्यम से वरीय अधिकारियों सहित गृह सचिव को देकर उचित जांच एवं दोषियों पर कारवाई की मांग की है। उन्होंने बताया कि उक्त पत्र एवं महिला द्वारा प्राप्त आवेदन की प्रति मीडिया को भी उपलब्ध करवा दी है ताकि कारवाई के साथ साथ अपने मौलिक एवं संवैधानिक अधिकारों के विषय में जन जन तक जागरूकता भी पहुंचे।

