
स्टेशन मास्टर से डीआरएम तक निकले जुमलेबाज, नही आये बहादुरपुर के अठारह गाँवों के अच्छे दिन।

दरभंगा।अभिषेक कुमार
लहेरियासराय चट्टी गुमटी जाम की समस्या काफी पुरानी है। ऊपर से क्षतिग्रस्त फूटओवर ब्रिज भी मरम्मत करवा देने की जगह बंद कर दिया गया तो इससे जुड़े करीब अठारह गाँव के लोग पिछले आठ महीने से रोज त्राहि त्राहि करते हैं। स्थानीय लोगों ने पिछले मई महीने में एक बड़ा आंदोलन किया था। परिणामस्वरूप 23 मई को शिष्टमंडल के साथ बैठक मे डीआरएम ने तीन प्रमुख मांगों जिनमे बंद ओवेरब्रिज को मरम्मत करके शीघ्र चालू करना, चट्टी गुमटी के तरफ मालगाड़ी की शंटिंग नही करना, रेलवे क्रोसिंग पर ट्राफिक पुलिस की तैनाती करना शामिल था, को तुरंत स्वीकृति दे दी. गुमटी पर ओवरब्रिज निर्माण के संबंध मे उन्होने कहा कि यह प्रस्तावित है तथा इसकेलिए राज्य सरकार द्वारा जमीन मिलते ही काम शुरू हो जायेगा। आंदोलनकारियों ने इसे एक बड़ी सफलता माना और राहत की साँस ली। मालगाड़ी की शंटिंग को डीआरएम ने स्टेशन मास्टर का प्रबंधन बताया और कहा कि यह तो उन्हें आसानी से दूसरी तरफ करवा लेना चाहिए था। परंतु करीब चार महीने बीत जाने के वाबजूद ओवरब्रिज की मरम्मति का काम शुरू भी नही हुआ। जब डीआरएम ही जुमलेबाज निकले तो स्टेशन मास्टर भी जनता को जो दर्द से थोड़ा रियायत देने लगे थे, वह भी बन्द कर दिया। पुनः मालगाड़ी की शंटिंग चट्टी गुमटी के तरफ करके घंटो जाम में जनता को पिसने पर मजबूर कर दिए हैं। स्टेशन मास्टर और डीआरएम की अच्छी अच्छी जुमलेबाजी ने उग्र आन्दोलनकारियों को अच्छे दिन का ख्वाब दिखलाकर आंदोलन को तत्काल भले टाल दिया, पर आंदोलन की आग पुनः सुलगने लगी है और स्टेशन मास्टर की मनमानी तो इस आग में घी का काम करने लगा है।

