
मामला सुप्रीम कोर्ट पहुँचने पर फिर कंसी मुखिया पद में आया ट्विस्ट! Voice of Darbhanga

दरभंगा। चुनाव के बाद से लगातार जारी उठापटक के बाद एकबार फिर सदर प्रखंड की कंसी पंचायत की मुखिया को लेकर नया अध्याय शुरू हो गया। मतगणना में मुखिया पद पर विभा देवी के चयन हो जाने के बाद उनकी प्रतिद्वंदी उषा देवी निचली अदालत से उच्च न्यायालय तक गयी। तो विभा देवी भी कानूनी लड़ाई लड़ने ने पीछे नही रही। अब सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के आलोक में भूतपूर्व मुखिया व अधिवक्ता डॉ.पवन कुमार चौधरी ने वॉइस ऑफ़ दरभंगा से संपर्क कर बताया है कि गत पंचायत चुनाव में मतगणना के दौरान गलत तरीके से उनकी पत्नी उषा देवी को पराजित कर प्रतिद्वंद्वी विभा देवी को विजयी घोषित कर शपथ ग्रहण भी करा दिया गया। इसके विरुद्ध उच्च न्यायालय में वाद दायर किया गया तो वहां से छूटे हुए बूथ के मत की गिनती कराते हुए परिणाम की घोषणा कराने को कहा था। इस आलोक में गत 30 अगस्त को हुई मतगणना के बाद मेरी पत्नी को विजयी घोषित करते हुए प्रमाण-पत्र दिया गया तथा शपथ भी दिलाई गई। साथ ही विभा देवी का प्रमाण पत्र निरस्त कर दिया गया था। फिर विभा देवी की ओर से डबल बेंच में अपील की गई तो मुझे कार्यभार ग्रहण करने पर रोक लगा दी गई थी। इस आदेश के खिलाफ उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय में अपील की। इस आलोक में सर्वोच्च न्यायालय ने 18 नवंबर को मेरे पत्नी के पक्ष में आदेश पारित किया है। साथ ही साथ निचली अदालत को छः महीने के अंदर मामले के निष्पादन का निर्देश दिया गया है।
इस सन्दर्भ में बात करने पर विभा देवी के पति पूर्व मुखिया सह सीपीएम के जिलामंत्री अविनाश ठाकुर ने कहा कि जनता के द्वारा चुनी गयी है विभा देवी और वे जनता की सेवा में काम कर रही हैं। उन्हें फ़िलहाल कोई जानकारी नही है इस तरह की। यदि ऐसा कोई मामला है तो पहले वह कोर्ट के फैसले का अध्यन करेंगे फिर कोई प्रतिक्रिया बताएंगे।

