
शहर की यातायात व्यवस्था को ध्वस्त करने में पूरा सहयोग करती है टैफिक पुलिस! Voice of Darbhanga

दरभंगा: दरभंगा में पुलिस जनता केलिए कितनी तत्पर है, इसका नजारा आपको रोज ही देखने को मिल जायेगा। शुक्रवार को भी दिन के एक बजे खुल्लम खुल्ला यातायात नियम तोड़वाते नजर आये। एक तरफ बेंता ओपी कुछ लोगो को हेलमेट केलिए पकड़ कर बाइक थाने में लगवा रही थी तो वही कुछ कदमो की दुरी पर अल्लपट्टी में पारस हॉस्पिटल के पास वन वे तोड़ कर खुलेआम चल रही गाड़ियों को पास करवाने में ट्रैफिक के जवान तत्पर दिखे। जग जाहिर है ट्रैफिक के इंचार्ज और एएसआई ऐसे बनाये गए हैं जो यातायात व्यवस्था बनाये रखने केलिए नही बल्कि नो एंट्री में बड़ी गाड़ियों को खुलेआम चलने देकर कमीशन वसूलने केलिए लगाये गए हैं शायद। जब ट्रैफिक केलिए जिम्मेवार पदाधिकारी ही ट्रैफिक ध्वस्त करने केलिए नियुक्त हुए हों तो थाने वाले एक्स्ट्रा मेहनत क्यों करें। जाम में सरकने वाली स्पीड में चलने वाले बाइक सवार उनका सॉफ्ट टारगेट मिल ही जाता है। कुछ का सरकारी चालान तो कुछ का निजी चालान काट कर आराम से फर्ज पूरा कर ही लेते हैं। जिले के अधिकारी भी इस समस्या से दो चार होते रहते हैं पर जब जिम्मेवार विभाग के कप्तान को कहीं जाना आना ही नही होता तो भला कोई अन्य कोई टेंशन लें। कप्तान साहब तो ऑफिस से आवास करते हैं। यदि कभी निकले तो आगे रास्ता खाली करवाने को पुलिस तत्पर रहती ही है। तो भला इन्हें समस्या क्यों दिखाई दे। कुल मिलाकर कहा जाय तो दरभंगा में यातायात प्रभारी शायद व्यवस्था सुधारने केलिए नही, बल्कि कमाई करने केलिए बनाये गए हैं।

