
जिलाधिकारी के निरीक्षण में डीएमडीएच की बड़ी अनियमितता उजागर, 19 लाख की लागत वाला एक्सरे मशीन बेकार।

दरभंगा: ए. जिलानी
उत्तर भारत का सबसे बड़ा अस्पताल डीएमसीएच इन दिनों अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है. बुनियादी सहुलतों की भी यहां काफी कमी देखी जा रही है. 2014 में आई एक्स-रे मशीन अभी तक चालू नहीं हो सकी है. जिससे मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. सरकार की तरफ से एलेंजर्स मेडिकल लिमिटेड कम्पनी को आपातकालीन विभाग और शिशु विभाग में अत्याधुनिक एक्स-रे मशीन लगाये जाने को लेकर 19 लाख का टेंडर दिया गया था. लेकिन दो साल बीत जाने के बाद भी एक्स-रे मशीन को चालू नहीं किया गया. जिसको लेकर दरभंगा के जिलाधिकारी डॉ. चन्द्रशेखर सिंह आज खुद डीएमसीएच पहुंचे, तो वहां चिकित्सकों के जरिए एक्स-रे मशीन चालू नहीं किये जाने की मंशा साफ दिखाई दी. एलेंजर्स मेडिकल लिमिटेड के कर्मचारियों को इस बात का डर था कि अगर वे मशीन चालू भी कर देते हैं, तो अस्पताल प्रशासन कोई पेंच न फंसा दें. जिससे उसका भुगतान बाधित हो जाय. इसकी शिकायत उन्होंने जिलाधिकारी से भी की. जिलाधिकारी ने मौके पर ही 15 दिनों के अंदर दोनों एक्स-रे मशीन को चालू किये जाने को लेकर इसका आदेश कम्पनी के कर्मचारी व अस्पताल प्रशासन को दी और 20 अगस्त को इसके उद्घाटन के तारीख की घोषणा भी कर दी. जिलाधिकारी उस समय स्तब्ध रह गये, जब अस्पताल प्रशासन की तरफ से यह बताया गया कि दोनों एक्स-रे मशीन का उद्घाटन हो जाने के बाद भी इसे चालू नहीं किया जा सकता है, क्योंकि उनके पास एक्स-रे टेक्निशियन और कर्मचारी नहीं है. जिस पर जिलाधिकारी ने कहा कि वैकल्पिक व्यवस्था की जायेगी. वहीं कई लोगों ने जिलाधिकारी से शिकायत की कि रेडियोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष राजीव रंजन पटना में रहते हैं और डीएमसीएच नहीं के बराबर आते हैं.

