Home मुख्य प्रस्तावित संशोधन विधेयक के प्रति को जला कर वकीलो ने जताया विरोध। Voice of Darbhanga
मुख्य - April 21, 2017

प्रस्तावित संशोधन विधेयक के प्रति को जला कर वकीलो ने जताया विरोध। Voice of Darbhanga

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दरभंगा : लॉ कमिशन द्वारा अधिवक्ता अधिनियम संशोधन विधेयक  2017  को निरस्त करने की मांग जोर पकड़ती जा रही है. इसके विरोध में अधिवक्ताओं का चरणबद्ध आन्दोलन लगातार तेज होता जा रहा है. प्रस्तावित काला कानून को निरस्त/वापस लेने की मांग के आलोक में भारतीय विधिज्ञ परिषद् ( बीसीआई ) के निदेर्शानुसार तथा स्टेट बार काउंसिल पटना की सहमति से शुक्रवार को दरभंगा बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रवि शंकर प्रसाद और महा सचिव कृष्ण कुमार मिश्र के नेतृत्व में हजारों-हजार वकीलों ने समाहरणालय गेट के सामने प्रस्तावित संशोधन वील की प्रतियां जलाई. अधिवक्ता संघ के नेतृत्व वकीलों का जत्था  हाथों में पट्टियां लिए नाराबाजी करते लहेरियासराय टावर से प्रमंडलीय आयुक्त कार्यालय तक जुलूस निकाली. इसके पश्चात वकीलों ने प्रस्तावित संशोधन विधेयक की प्रतियां जलाई. अन्त में अध्यक्ष रविशंकर प्रसाद, महासचिव कृष्ण कुमार मिश्र के नेतृत्व में अधिवक्ताओं का पांच सदस्यीय शिष्टमंडल ने संघ सरकार के विधि मंत्री के नाम संबोधित  500  से अधिक अधिवक्ताओं का हस्ताक्षर युक्त स्मार पत्र जिलाधिकारी से मिलकर सौंपा. पूर्व निर्णयानुसार, द्वितीय पाली में किसी भी प्रकार का न्यायिक कार्य से काम में लापरवाही करने, अनुशासन तोड़ने पर वकीलों पर कारवाई होगी, वकीलों को उपभोक्ता आयोग द्वारा तय नियमों के मुताबिक मुवक्किलों को हजार्ना देना होगा. जज या कोई भी न्यायिक पदाधिकारी लापरवाही और अनुशासन हीनता पर वकील का लाइसेंस रद्द कर सकता है. हड़ताल करने पर कारवाई या जुमार्ना हो सकता है. राज्य बार काउंसिल के आधे से ज्यादा सदस्य उच्च न्यायालयों द्वारा नामित किए जाएंगे. इन सदस्यों में डॉक्टर, इंजीनियर, व्यवसायी आदि होगे. बीसीआई के सदस्य के लिए कोई चुनाव नहीं होगा. सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश, केन्द्रीय निगरानी आयुक्त, चार्टर एकाउंटेंट के अपीलीय पदाधिकारी द्वारा बीसीआई के आधे से अधिक सदस्य नामित किए जायेंगे. उपरोक्त संशोधन वील को राष्ट्र स्तर पर वकील और वकीलों द्वारा जनतांत्रिक प्रकिया के तहत निर्वाचित वकीलों की नियामक संस्था के अधिकारों में कटौती एवं कुठाराघात मानते हुए प्रस्तावित संशोधन वील की वापसी/निरस्त करने की मांग आन्दोलनात्मक रुख अख्तियार कर चूकी है. जुलुस में वरीय अधिवक्ता जीतेन्द्र नारायण झा, पूर्व पीपी विनय कुमार सिंह, राजीव रंजन ठाकुर, सत्यनारायण यादव, संतोष कुमार सिन्मुहा,मुरारी लाल केवट, शिवशंकर झा, अमरेन्द्र नारायण झा, विजय नारायण चौधरी, अंबर ईमाम हाशमी, सुभाष महतो, कुमार उत्तम, विजय कुमार चौधरी, रेखा कुमारी, अनीता आनंद, चंदा वर्मा, किरण कुमारी, वंदना वर्मा, बिनोद ठाकुर, प्रमोद ठाकुर, भवनाथ मिश्रा समेत हजारों-हजार पुरुष महिला वकीलों ने भाग लिया.

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