
लालबत्ती के साथ स्कॉट परिपाटी भी हटे तो खत्म होगा वीआईपी कल्चर: अमरनाथ गामी। Voice of Darbhanga

दरभंगा: हायाघाट के जदयू विधायक एवं बिहार विधानसभा प्रश्न एवं ध्यानाकर्षण समिति के सभापति अमरनाथ गामी ने केंद्र के लालबत्ती हटाने का समाचार सुनते ही बुधवार को सबसे पहले अपने गाडी से लालबत्ती हटा लिया। श्री गामी ने कहा कि देश से भीआईपी कल्चर खत्म हो तो इसका सीधा फायदा आमजन को मिलेगा। पर सिर्फ लालबत्ती हटाने से भीआईपी कल्चर कैसे खत्म होगा, ये उनके समझ से परे है। श्री गामी ने वॉइस ऑफ़ दरभंगा को फोन पर जानकारी देते हुए बताया कि लालबत्ती के हटाने के पीछे जो उद्देश्य है, वह तभी प्राप्त हो सकता है जब मंत्रियों के आगे पीछे चलने वाली चार चार स्कॉट की गाड़ियों का चलन खत्म हो। इसमें लाखों रूपये का खर्चा आता है। ऊपर से सायरन बजाते हुए पुलिस वाले डंडा हिलाते हुए सड़क खाली कराते चलते हैं जिससे आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ता है। लालबत्ती तो निर्जीव है जो बस उसी के बैटरी से जलती है। उसके रहने न रहने पर क्या फर्क पड़ता है जब भीआईपी गाड़ी के आगे पीछे सायरन बजाते स्काट की गाड़ियां चलेंगी ही तो।
श्री गामी ने बताया कि उन्हें भी स्काट सुविधा मिली थी। शुरू में सभापति बनने के बाद जब वे दरभंगा आये तो उनके साथ स्काट की गाड़ियां भी थी जो दो दिन तक घूमी भी थी उनके साथ। पर उन्हें लगा कि वे जनता के बीच जब जाते हैं तो इससे परेशानी ही होती है। जनता को उनसे मिलने या बात करने में दिक्कत होती है। ये सब देख कर उन्होंने उसी समय स्काट सेवा वापस कर दी और आजतक नही ली। इसी तरह जब लालबत्ती एक मई से खत्म होने का समाचार सुना तो आज ही अपने गाडी से लालबत्ती हटवा दिया।
देखा जाय तो श्री गामी के बातों में कहीं न कहीं दम है कि भीआईपी सुरक्षा में लगे स्कॉट जब साथ चलेंगे ही सायरन बजाते और उनपर लाखो रूपये खर्च होते ही रहेंगे तो क्या सिर्फ लालबत्ती नही रहने से भीआईपी कल्चर खत्म हो सकेगा!

