
राष्ट्र की समृद्धि के लिए संस्कृत का अध्ययन आवश्यक : कुलपति। Voice of Darbhanga

दरभंगा : कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नीलिमा सिन्हा ने कहा कि राष्ट्र को समृद्ध करने के लिए संस्कृत भाषा का अध्ययन जुरूरी है. उन्होंने कहा कि लगातार विश्वविद्यालय में हो रहे संस्कृत सम्भाषण शिविर के प्रभाव से ही छात्र आपस में संस्कृत बोलना शुरू कर दिये हैं. कुलपति शिक्षा शास्त्र विभाग में द्वितीय वर्ग सत्र के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे. इस मौके पर बतौर मुख्य अतिथि संस्कृत भारती के अखिल भारतीय महामंत्री श्रीशदेव पुजारी ने कहा कि संस्कृत छात्र के अलावा आस-पास के विश्वविद्यालय और महाविद्यालय के आधुनिक छात्र और प्राध्यापक जिस उत्साह से इस प्रशिक्षण में भाग ले रहे हैं. यह वस्तुत: संस्कृत के विकास हेतु अच्छी पहल है. श्री पुजारी ने छात्र एवं प्राध्यापकों से अपील करते हुए कहा कि संस्कृत में सरल भाषा द्वारा वाक्य निर्माण कर दैनंदनी जीवन में इसका प्रयोग करना चाहिए. कार्यक्रम में विश्वविद्यालय छात्र कल्याण अध्यक्ष डॉ. श्रीपति त्रिपाठी, डॉ. रमेश झा, डॉ. घनश्याम मिश्र, डॉ. नंदकिशोर चौधरी, डॉ. ऋद्धि नाथ झा, डॉ. रीता सिंह आदि ने विचार व्यक्त किये. अतिथियों का स्वागत छात्रा अरूंधति, मंगलाचरण गंधर्व, संचालन गिरीश कुमार और धन्यवाद ज्ञापन प्रशिक्षक डॉ. राम सेवक झा ने किया.

