
हंगामे के बीच मुखियों ने किया पंचायत समिति की बैठक का बहिष्कार। Voice of Darbhanga
सिंहवाड़ा: भारी शोर-गुल हो-हंगामे के बीच प्रखंड पंचायत समिति की बैठक का मुखियों ने बहिष्कार किया. बैठक शुरू होते ही बैठक के एजेंडे में पूर्व की बैठक के अनुमोदन का मामला हंगामे का कारण बना. मालूम हो कि इससे पहले वाली पंचायत समिति की बैठक में मनरेगा कार्यक्रम में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए प्रमुख आरती देवी के नेतृत्व में पंचायत समिति सदस्यों ने बैठक का बहिष्कार कर दिया था. बावजूद आज बैठक शुरू होते ही मुखिया महासंघ के अध्यक्ष लालबाबु यादव और सनहपुर मुखिया अमृत कुमार चौरसिया के नेतृत्व में बैठक में उपस्थित सभी मुखिया पूर्व की बैठक के अनुमोदन हेतु दवाब बनाने लगे. प्रमुख आरती देवी ने पूर्व के बैठक के अनुमोदन क लिए दो दिन बाद का समय चाहती थी. वहीं मुखियागण इस पर अड़े रहे कि पहले पूर्व की बैठक का अनुमोदन हो तब आगे की कार्यवाही शुरू की जाय. मुखिया के इस प्रस्ताव का बैठक में उपस्थित सभी मुखियों ने समर्थन तो किया ही. एक मात्र समिति सदस्य फरजाना सिरी ही प्रमुख पर दवाब बनाने लगी. उप प्रमुख शाजिद मुजफ्फर बीच-बचाव के लिए खड़े तो जरूर हुए परन्तु उनकी भाषा से आक्रोशित मुखियों ने सनहपुर मुखिया श्री चौरसिया के नेतृत्व में बैठक का बहिष्कार करते जनप्रतिनिधि भवन से बाहर हो गये. बैठक से बाहर हो कर मुखिया द्वारा एक प्रतिवेदन बैठक के गतिरोध को लेकर बीडीओ को दिया गया. वहीं जवाब में प्रमुख के नेतृत्व में समिति सदस्यों ने संयुक्त हस्ताक्षर से एक ज्ञापन बीडीओ को समर्पित किया. बैठक में ममता चौधरी, गड्डु यादव, हुबरन पासवान समेत दर्जन जनप्रतिनिधि उपस्थित थे. मुखिया द्वारा बैठक बहिष्कार के बाद पंचायत समिति सदस्य बैठक करने के लिए कोरम गणित में उलझे रहे, परन्तु कोरम न पूरा होने के कारण वे लोग भी बैठक नहीं कर सके. सूत्रों पर अगर विश्वास करें तो बैठक बहिष्कार के पीछे योजना की लड़ाई है.

