
विश्वासघात का शिकार होकर दुबई में फसे पति की राह देखती संगीता को सुषमा दीदी से आस। Voice of Darbhanga

दरभंगा। अभिषेक कुमार
हायाघाट प्रखंड के सहोड़ा पंचायत के माखनपुर गाँव निवासी सुभाषचंद्र चौधरी का इकलौता 32 वर्षीय पुत्र रोहित रोहित चौधरी बड़े अरमानो से घर सँभालने का सपना संजोये दुबई गया। पर वहां विश्वासघात के कारण ऐसा फंस गया कि घर लौटना तो दूर, खाने पीने के भी लाले पड़ गए हैं। दो महीने पहले रोहित ने एम्बेसी को अपने साथ हुए धोखाधड़ी और अपने भुखमरी हालात की दुहाई के साथ सुचित भी किया पर अभी तक कोई कारवाई नही हुई है। अंत में रोहित की पत्नी संगीता देवी ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से गुहार लगायी है उनके पति को वापस लाने केलिए। अपने नौ महीने के बच्चे शिवम को गोद में लिए बेसुध पड़ी रहती है और अपने शादी के एल्बम देखते रहती है। 22 भारतीय के वापस लौटने पर संगीता की उम्मीद बढ़ी है और कहती है कि सुषमा दीदी एक महिला का दर्द समझ सकती है और इस छठ में एक उसके दुधमुहे बच्चे को बाप की गोद जरूर नसीब होगी।
क्या है मामला:
2012 में फरीदाबाद के रोहित को यसर्ष वर्मा नामक मित्र ने राजेश कुमार से संपर्क करवाया। राजेश दुबई में अल अफगान जनरल ट्रेडिंग एलएलसी कम्पनी चलाता है। राजेश के ऊपर दिल्ली में फ़्रॉड का केस था जिसके तहत इंटरपोल ने उसे गिरफ्तार किया और कोर्ट में पेश किया। दुबई में कोर्ट में उसे अपने जमानत केलिए दो लोगों को बतौर गारेंटर जरूरत पड़ी तो राजेश ने रोहित को कम्पनी में प्रोमोशन का झांसा देकर अरबी में लिखे बांड पेपर पर हस्ताक्षर करवा लिया और उसका पासपोर्ट कोर्ट में जमा हो गया करीब छः महीने पहले। जब रोहित को आने की जरूरत पड़ी तो उसने राजेश से अपना पासपोर्ट माँगा। तब राजेश ने रोहित को बताया कि वह राजेश का गारेंटर है इसलिए वह दुबई छोड़ कर नही जा सकता। फिर उसने कम्पनी से सैलरी देना बंद कर दिया और खुद भी गायब हो गया। अब रोहित के साथ भुखमरी की स्थिति भी उतपन्न हो गयी है। वर्क वीजा के नही होने के कारण कहीं और काम भी नही कर सकता है। ऐसे में अब रोहित का पूरा परिवार सुषमा स्वराज की ओर देख रहा है। रोहित की माँ रोते हुए कहती है कि अब सरकार उसके एकलौते बेटे को छठ का डाला उठाने जल्दी ला दे।

