Home मुख्य इंजीनियर हत्याकांड में गवाह के मुकरने से पुलिस की मुश्किल बढ़ी।
मुख्य - August 2, 2016

इंजीनियर हत्याकांड में गवाह के मुकरने से पुलिस की मुश्किल बढ़ी।

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दरभंगा: डॉन के खिलाफ गवाही देना मुश्किल ही नही, नामुमकिन है। और मंगलवार को इसी की बानगी दिखी जब इंजीनियर हत्याकांड में अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किया गया एक अहम गवाह अपने बयानों से मुकर गया। मुख्य अभियुक्त कुख्यात मुकेश पाठक के खिलाफ गवाही देने के लिए पुलिस एक चौकीदार के बेटे को कोर्ट में खड़ा की थी। चौकीदार कैलाश पासवान का बेटा ओमप्रकाश पाठक के खिलाफ कुछ ना बोल सका। यहां तक कि पहचानने से इंकार कर पुलिस की परेशानी और बढ़ा दी। पुलिस को यकीन था कि चौकीदार का बेटा होने के चलते वह उसका साथ जरूर देगा। लेकिन, कोर्ट पहुंचने पर वही हुआ जिसका उसे डर था। प्रथम एडीजे अशोक कुमार श्रीवास्तव की कोर्ट में रिकॉल ऑर्डर पर मुकेश पाठक वाले केस में गवाही हेतु इसे प्रस्तुत किया गया था। इससे पहले 11 जुलाई को भी ओमप्रकाश के मुकर जाने के चलते होस्टाइल घोषित कर दिया गया था। अब जबकि, अभियोजन पक्ष से आ‌र्म्स एक्ट वाला सेक्शन लगाने में हुई एक भूल के चलते नए सिरे से इस केस की सुनवाई आरंभ हुई है, तब भी वह पूर्व के बयान पर अड़िग रहा। इस हत्याकांड में अभियोजन पक्ष ने तकरीबन 26 गवाहों का लिस्ट तैयार किया है, उनमें पहले ही गवाह का यू-टर्न ले ले लिया। पुलिस के लिए यह गवाह काफी अहम था। क्योंकि, वह बहेड़ी थाना क्षेत्र का ही रहने वाला है, जहां 26 दिसंबर को दोनों इंजीनियरों को अत्याधुनिक हथियार से मौत के घाट उतार दिया गया था। हत्याकांड में लाइनर की भूमिका निभाने के आरोपी अजय कुमार उर्फ ¨पटू लाल देव को तब घटनास्थल के आसपास मंडराते हुए देखने की बात उसी ने पुलिस को बताई थी।

हालाँकि बचाव पक्ष की दलील थी कि यदि अब कोई गवाह सिर्फ इन्हें पहचान लेता है तो उससे जुर्म साबित नही हो जाता। आज इनका चेहरा आम हो चूका है।

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