Home मुख्य यातायात किराया में वृद्धि से स्कूली बच्चे भी परेशान।
मुख्य - August 3, 2016

यातायात किराया में वृद्धि से स्कूली बच्चे भी परेशान।

IMG_20160803_100308

दरभंगा। निशांत झा

दरभंगा में यातायात व्यवस्था पहले से ही अन्य शहरों की अपेक्षा ज्यादा खर्चीली रही है. नगरपालिका के कालखंड को यदि छोड़ दिया जाय, तो कभी भी रिक्सा, टांगा, टेम्पो, बस आदि का किराया निर्धारण नहीं हुआ. हलांकि उस समय टेम्पो और बस के परिचालन कम ही हुआ करते थे. वर्त्तमान हालात यह है कि जब भी इच्छा होती है, तो किराया बढ़ा दिया जाता है. पेट्रोल-डीजल का दाम बढ़ता है तो किराया बढ़ जाता है, लेकिन घटता है तो इसका लाभ यात्रियों को नहीं मिलता. हलांकि इससे प्रभावित सभी आय वर्ग और उम्र के लोग होते हैं. लेकिन आज स्कूल और कॉलेज के छात्रों ने जिलाधिकारी से सामूहिक रूप से सम्पर्क कर यातायात किराया निर्धारण करने की मांग की है. इनलोगों ने अपने आवेदन में छात्रों के लिए उचित भाड़ा की मांग करते हुए बताया कि हमलोग 10 से 15 किलोमीटर दूरी तय कर पढ़ाई करने शहर आते हैं. बात भी सही है, इतनी दूरी तय कर छात्र अपना जीवन सँवारने के लिए गांवों से दूर शहर आते है. उन्हें मनमाने किराये के कारण जेबे ढ़ीली करनी पड़ती है. इसका कहीं न कहीं असर अभिभावकों पर पड़ता है. वहीं वयस्कों की बात करें तो दैनिक यात्रियों की संख्या भी कम नहीं है. उन्हें भी प्रतिदिन इन सारी चीजों से रू-ब-रू होना पड़ता है. बुधवार को स्रातक, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्र-छात्रायें, नवम से लेकर 12वीं तक के विद्यार्थी इन मुद्दों को लेकर जिलाधिकारी को अपना आवेदन दिये. जिलाधिकारी की ओर से आश्वासन भी मिला है. आवेदन पर हस्ताक्षर करने वालों में रौशन कुमार साह, रितेश कुमार, संजीत प्रसाद गुप्ता, अमरजीत कुमार मंडल, धर्मेन्द्र राम, सोनी कुमारी, अर्चना कुमारी, गुंजन कुमारी, रूपम कुमारी आदि शामिल है. बहरहाल जिलाधिकारी जो भी निर्णय ले, यदि यातायात का किराया निर्धारित किया गया, तो इसका लाभ आमलोगों को होगा. जहां तक नगर निगम क्षेत्र का सवाल है, तो शहर में यातायात किराया निर्धारण नगर निगम को करना चाहिए, जो अभी तक नहीं हुआ. आश्चर्य की बात है कि इस मामले में सभी जनप्रतिनिधि चुप्पी साधे हुए है. ऐसे में विद्यार्थियों की यह पहल क्या रंग लाती है, यह देखना अभी बांकी है. लेकिन शहरी क्षेत्र के बुद्धिजीवियों में यह चर्चा आम हो गई है कि नगर निगम क्षेत्र में टैक्स बढ़ोत्तरी के सवाल पर जनप्रतिनिधि साथ हो जाते है, परन्तु जनसुविधा उपलब्ध कराने के सवाल पर वे लोग चुप्पी साध लेते हैं!

Share

Leave a Reply