Home Featured अब वो दिन दूर नहीं जब सैकड़ों वैभव सूर्यवंशी निकलेंगे बिहार की धरती से: कुलपति।
Featured - मुख्य - December 8, 2024

अब वो दिन दूर नहीं जब सैकड़ों वैभव सूर्यवंशी निकलेंगे बिहार की धरती से: कुलपति।

दरभंगा: को सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की ओर से ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय प्रांगण में स्थिर नागेंद्र झा स्टेडियम में वार्षिक खेल दिवस 2024 का उद्घाटन मुख्य अतिथि मिथिला विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजय कुमार चौधरी ने किया।

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बतौर मुख्य अतिथि मिथिला विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजय कुमार चौधरी ने कहा कि खेल में अब करियर की अपार संभावनाएं हैं। यह खेल में करियर के साथ-साथ आपके शैक्षणिक जगत में भी आगे बढ़ने में सहायक होगी। अब वो दिन लद गये जो किसी भी खेल में आगे बढ़ने के लिये लोग बिहार से बाहर की ओर टकटकी लगाये रहते थे और दिल्ली सरीखे मेट्रोपॉलिटन सिटी के खेल अकादमी पर निर्भर रहते थे लेकिन अब ऐसा नहीं है। अब आप बिहार में भी रहकर अपने खिलाड़ी व खेल दोनों को आगे बढ़ा सकते हैं, जिसका जीता-जागता उदाहरण है बिहार के समस्तीपुर का वैभव सूर्यवंशी है, जो विगत सालों में मधुबनी में मधवापुर प्रीमियर लीग खेलने आता था और आज आईपीएल का हिस्सा बन गया है। अब यह सब बिहार में भी रहकर संभव है, बस जरूरत है आपको कड़ी मेहनत, लगन, परिश्रम, सतत प्रयास, जोश व जज्बे को बनाये रखने की फिर कोई नहीं रोक सकता है आपको खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने से। राजभवन और सरकार भी इस दिशा में सार्थक और निर्णायक कदम आगे बढ़ा चुका है। बिहार के खिलाड़ी और खेल दोनों को आगे बढ़ाने के लिये सरकार प्रतिबद्ध है। अब संसाधन की कोई कमी नहीं है। पटना में मोईन उल हक स्टेडियम अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम को फाइनल टच दिया जा रहा है। सभी जिला मुख्यालयों में विभिन्न खेलों के स्टेडियम में सालों से खेलों का आयोजन हो रहा है। मिथिला विश्वविद्यालय के खेल पदाधिकारी प्रो. अजय नाथ झा व उप-खेल पदाधिकारी अमृत कुमार झा के सफल नेतृत्व में मिथिला विश्वविद्यालय भी राष्ट्रीय मानचित्र पर नित्य नये आयाम रच रहा है।

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आगे कुलपति ने कहा कि इसी वर्ष राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य के प्रथम खेल अकादमी और बिहार खेल विश्वविद्यालय का राजगीर के अंतर्राष्ट्रीय खेल परिसर में उद्घाटन किया है, जो राजगीर में अंतर्राष्ट्रीय खेल परिसर का एक हिस्सा है जहां एक साथ 24 खेल विधाओं का प्रशिक्षण दिया जायेगा, जिसका परिणाम निकट भविष्य में आपको फलित होता हुआ दिखाई देगा। अब वो दिन दूर नहीं जब एक क्या सैकड़ों वैभव सूर्यवंशी निकलेगा बिहार की धरती से।

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इस मौके पर महारानी कल्याणी महाविद्यालय, लहेरियासराय के प्रधानाचार्य प्रो. मो. रहमतुल्लाह ने कहा कि खेल से न सिर्फ तन स्वस्थ होता है बल्कि मन भी स्वस्थ होता है। आजकल के भागमभाग वाली जिंदगी में तनाव व अवसाद से मुक्त होने के लिये बड़े शहरों में खेल अब आम जीवनशैली का हिस्सा बनता जा रहा है। मेट्रो पॉलिटन सिटी के सोसाइटियों में, पार्कों में देर रात लोग विभिन्न खेल खेलते हुए दिख जाते हैं। इसीलिए अब सबको खेल के विभिन्न विधाओं में किसी न किसी एक खेल को आम दिनचर्या में जोड़ने की जरूरत है।

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आगे उन्होंने कहा कि मिथिला विश्वविद्यालय के यशस्वी कुलपति प्रो. संजय कुमार चौधरी के सफल नेतृत्व व कुशल मार्गदर्शन में हाल में हुए कई खेलों में मिथिला विश्वविद्यालय ने राष्ट्रीय मानचित्र पर अपना जलवा बिखेरा है और आगे भी बिखेरता रहेगा।

मौके पर विश्वविद्यालय के उप-खेल पदाधिकारी अमृत कुमार झा, खेल विभाग के मनीष राज के अलावा सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के पदाधिकारी और अन्य गणमान्य लोगों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

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