
आकाशवाणी दरभंगा की यथास्थिति बनाये रखने की मांग को लेकर धरना का आयोजन।
दरभंगा: अखिल भारतीय मिथिला संघ, दरभंगा के अध्यक्ष विनय कुमार झा उर्फ संतोष झा की अध्यक्षता में पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत आकाशवाणी केंद्र दरभंगा को यथास्थिति बनाए रखने की मांग को लेकर एक दिवसीय धरना दिया गया। इस धरने को अपना समर्थन विद्यापति सेवा संस्थान, दरभंगा ने भी दिया।

भारत सरकार द्वारा जारी पत्र जारी की गई थी। इसके बाद स्थानीय लोगों एवं अखिल भारतीय मिथिला संघ के द्वारा पहल करते हुए धरना दिया गया। आकाशवाणी दरभंगा को बंद करने की साजिश चल रही है। जिसके बाद केंद्र और राज्य सरकार के द्वारा पटना से इस पर पूरी तरह नियंत्रण हो जाएगा।

जिलाध्यक्ष विनय कुमार झा रूप संतोष झा ने कहा आकाशवाणी केंद्र दरभंगा पर सीधा पटना से नियंत्रण हो जाने के बाद इस केंद्र पर वर्षों से अपनी सेवा देते आ रहे स्थानीय कर्मियों की छंटनी होना शुरू कर दी जाएगी। मैं धन्यवाद देना चाहूंगा स्थानीय सांसद डॉ गोपाल जी ठाकुर एवं राज्यसभा सांसद संजय कुमार झा को जिन्होंने अपने प्रयास से इसे यथास्थिति बनाए रखने के लिए पहल किया गया है।

विद्यापति सेवा संस्थान के सचिव, बैद्यनाथ चौधरी बैजू ने आयोजित धरना को संपर्क करते हुए उन्होंने कहा कई संघर्षों के बाद दरभंगा केंद्र की स्थापना की गई थी। जिस तरह से इसे बंद करने की साजिश चल रही है उसमें हम सफल नहीं होने देंगे। सरकार से हम मांग करते हैं के इसे मैथिली प्रसारण केंद्र घोषित की जाए इस केंद्र को यथास्थिति बनाए रखी जाए और कार्यक्रम का प्रसारण चला रहे।

अखिल भारतीय मित्र संघ के संयुक्त सचिव शैलेंद्र कुमार कश्यप ने कहा हमारे मिथिला और मैथिली को साजिश के तहत नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है और आकाशवाणी केंद्र दरभंगा को बंद करने की साजिश चल रही है। अखिल भारतीय मिथिला संघ के उपाध्यक्ष, रामनाथ पंजियार ने कहा जिस तरह से राज्य एवं केंद्र सरकार के द्वारा आकाशवाणी केंद्र दरभंगा को बंद करने की पहल की जा रही है। संघ के प्रवक्ता रौशन कुमार झा ने धरना पर आए हुए सभी वक्ताओं एवं लोगों को धन्यवाद ज्ञापित किया गया। धरना पर बैठे लोगों में मुखिया, राजीव कुमार चौधरी, पंकज ठाकुर, ओंकार नाथ चौधरी, शिव शंकर झा, चंद्रशेखर झा उर्फ बूढ़ाभाई, अनिता कुमारी, लक्ष्मी सिंह ठाकुर, रूपा चौधरी, ललिता देवी, सपना भारती, उदय शंकर मिश्र, चंद्रमोहन झा प्रवा, कमला कान्त झा, दीपक राम, वीरेंद्र कुमार चौधरी, रामकुमार ठाकुर, महानंद मिश्र, शिवनाथ चौधरी, विपिन बिहारी आदि मौजूद थे।

