
कृषि यांत्रिकरण मेले का शुभारंभ, डीएम ने किया उद्घाटन;1200 किसान अनुदान हेतु चयनित।
दरभंगा: संयुक्त कृषि भवन, बहादुरपुर परिसर में सोमवार को जिला स्तरीय दो दिवसीय कृषि यांत्रिकरण मेले का भव्य शुभारंभ हुआ। मेला का उद्घाटन जिला पदाधिकारी कौशल कुमार ने फीता काटकर एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस मौके पर डीएम ने कड़ाके की ठंड के बावजूद बड़ी संख्या में उपस्थित किसानों के प्रति आभार व्यक्त किया।

डीएम ने कहा कि यह मेला हर वर्ष किसानों को आधुनिक कृषि यंत्रों की जानकारी देने तथा सरकारी अनुदान का लाभ पारदर्शी ढंग से उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आयोजित किया जाता है। उन्होंने बताया कि कृषि यंत्रों पर अनुदान के लिए किसानों का चयन लॉटरी प्रणाली से किया जाता है।

डीएम के अनुसार, इस वर्ष जिले में कृषि यांत्रिकरण के लिए 3800 किसानों ने आवेदन किया था, जिनमें से 1200 किसानों का चयन अनुदान के लिए किया गया है। शेष 2600 आवेदनों के संबंध में जिला कृषि पदाधिकारी को विभाग को पत्र के माध्यम से प्रतिवेदन भेजने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने कहा कि जिले में कृषि यंत्रों की मांग तेजी से बढ़ रही है और अधिक से अधिक किसान आधुनिक खेती अपनाने में रुचि दिखा रहे हैं।

डीएम ने किसान सलाहकार, एटीएम एवं बीटीएम को निर्देश दिया कि वे कृषि से संबंधित नवीनतम जानकारियां अद्यतन रखें और प्रत्येक पंचायत में साप्ताहिक किसान गोष्ठी आयोजित करना सुनिश्चित करें, ताकि विभागीय योजनाओं की सूचना समय पर किसानों तक पहुंच सके। उन्होंने किसानों से धान-गेहूं के साथ-साथ दलहन एवं तेलहन फसलों का उत्पादन बढ़ाने की अपील भी की, जिससे मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने में मदद मिलती है।
उन्होंने किसान सलाहकार, एटीएम व बीटीएम को प्रतिदिन 100 किसानों की फार्मर रजिस्ट्री कराने का निर्देश देते हुए पराली प्रबंधन से जुड़े यंत्रों के अधिक उपयोग पर भी जोर दिया। विभागीय जानकारी के अनुसार कृषि यांत्रिकरण योजना पूरी तरह ऑनलाइन एवं पारदर्शी है, जिसमें किसी प्रकार का मैनुअल हस्तक्षेप नहीं होता।
मेले के दौरान 03 कस्टम हायरिंग सेंटर की स्थापना के लिए ट्रैक्टर की डेमो चाबी का वितरण, चयनित किसानों को मैनुअल कृषि यंत्र किट का वितरण तथा कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। बताया गया कि कृषि विभाग बुआई से लेकर भंडारण तक 91 प्रकार के कृषि यंत्रों पर अनुदान दे रहा है और मेले के पहले दिन करीब 10 लाख रुपये मूल्य के कृषि यंत्रों की बिक्री दर्ज की गई। साथ ही किसानों को जैविक खेती अपनाने के लिए भी प्रेरित किया गया।
डीएम के करकमलों से 6 किसानों को कस्टम हायरिंग सेंटर की खरीद के लिए लॉटरी के माध्यम से परमिट प्रदान किया गया, जबकि 4 किसानों को यंत्र प्रत्यक्षण हेतु ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर परमिट दिया गया। यह मेला 30 दिसंबर 2025 तक संचालित रहेगा। कार्यक्रम में जिला परिषद अध्यक्ष, जिला कृषि पदाधिकारी, उप निदेशक कृषि अभियंत्रण, संयुक्त निदेशक शस्य (दरभंगा प्रमंडल), अनुमंडल/प्रखंड कृषि पदाधिकारी, कृषि समन्वयक, किसान सलाहकार, कृषि यंत्र विक्रेता तथा बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

