
“खाद छापेमारी सिर्फ खानापूर्ति”, बहादुरपुर में कालाबाजारी जारी होने का किसान संगठन का आरोप।
दरभंगा: विदेह किसान मजदूर संघर्ष समिति ने जिला कृषि पदाधिकारी द्वारा एक-दो उर्वरक विक्रेताओं के गोदामों पर की गई छापेमारी को “सिर्फ खानापूर्ति” करार देते हुए आरोप लगाया है कि किसानों को अब भी ऊंचे दाम पर खाद बेचा जा रहा है। समिति ने मांग की है कि खाद की कालाबाजारी रोकने के लिए कृषि विभाग अलग-अलग टीम बनाकर व्यापक स्तर पर लगातार छापेमारी करे।

समिति के अध्यक्ष धनंजय सिंह ने कहा कि बहादुरपुर में जिला कृषि कार्यालय होने के बावजूद बहादुरपुर, बहेड़ी और हायाघाट प्रखंड के कई उर्वरक विक्रेता खुलेआम कालाबाजारी कर रहे हैं। उनका आरोप है कि छापेमारी के दौरान जिस तरह भारी मात्रा में खाद बरामद हो रहा है, उससे संकेत मिलता है कि यदि सही समय पर ईमानदारी से कार्रवाई हो, तो कई विक्रेताओं की अनियमितताएं सामने आ सकती हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ प्रखंडों में संबंधित विक्रेताओं और विभागीय अधिकारियों के बीच “मेलजोल” के कारण कार्रवाई प्रभावी नहीं हो पा रही है।

उघरा पंचायत समिति सदस्य गंगा प्रसाद साहू ने कहा कि गेहूं की पटवन का समय चल रहा है और किसानों के पास समय की कमी के कारण वे मजबूरी में ऊंचे दर पर खाद खरीदने को विवश हैं। उन्होंने कहा कि यदि विभाग नियमित रूप से गोदामों पर जांच और छापेमारी करे तो किसानों को निर्धारित दर पर खाद उपलब्ध होने की संभावना बढ़ेगी। साहू ने यह भी आरोप लगाया कि हाल में बहादुरपुर प्रखंड कृषि कार्यालय में उर्वरक निगरानी समिति की बैठक हुई, लेकिन प्रखंड क्षेत्र का कोई भी उर्वरक विक्रेता बैठक में उपस्थित नहीं हुआ और अनुपस्थित विक्रेताओं पर कोई कार्रवाई नहीं की गई, जिससे विभागीय सख्ती पर सवाल उठते हैं।समिति ने चेतावनी दी कि यदि खाद की कालाबाजारी नहीं रुकी तो संगठन के बैनर तले किसान आंदोलन/प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।

मौके पर लक्ष्मण दास, उदित नारायण चौधरी, रंकज दास, फूलों दास, चंदन मांझी, अर्जुन दास, रोशन माझी, नंदलाल माझी, चन्नीलाल माझी, टिंकू मुखिया सहित अन्य किसान मौजूद रहे।

