
तालाब संरक्षण बना आंदोलन का एजेंडा, मिथिला विकास संघ ने भरी हुंकार।
दरभंगा: मिथिला विकास संघ का 11वां स्थापना दिवस सह कार्यकर्ता सम्मान समारोह 11 सितम्बर को आयोजित हुआ। सुजीत कुमार आचार्य की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में वक्ताओं ने क्षेत्र के जलसंकट और प्रशासनिक उपेक्षा के मुद्दे पर गहरी चिंता जताई।

तालाबों पर भूमाफियाओं की नजर
वक्ताओं ने कहा कि प्रशासनिक उदासीनता और भूमाफियाओं की मिलीभगत से शहर और गांव के अधिकांश तालाबों को पाटकर बेच दिया गया है। इसका सीधा असर मिथिला क्षेत्र पर पड़ा है और आज पूरा इलाका गंभीर जल संकट का सामना कर रहा है।

आंदोलन की चेतावनी
मिथिला विकास संघ ने घोषणा की कि तालाब संरक्षण और जल संकट के समाधान के लिए चरणबद्ध आंदोलन चलाया जाएगा। संगठन ने जोर देकर कहा कि यदि जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो बड़े पैमाने पर जनांदोलन खड़ा किया जाएगा।

प्रमुख वक्ता और अतिथि
समारोह में अब्दुल हादी सिद्दीकी, उदय शंकर मिश्रा, सुमन कुमार झा, सरफ़राज़ अनवर, कमलेश उपाध्याय, अजय कांत झा, ज्ञानेश्वर रॉय, बिप्लव कुमार चौधरी, चंद्रशेखर झा, रौशन झा, दीपक झा, श्याम झा, मो. दुलारे, दीपक सिंह, बिभूति मिश्रा और शैलेन्द्र कश्यप समेत कई वक्ताओं ने अपने विचार रखे।


