Home Featured दरभंगा के प्यास पर प्रशासन सख्त, एक हफ्ते में समाधान नहीं तो एजेंसियां होंगी ब्लैकलिस्ट।
Featured - मुख्य - July 23, 2025

दरभंगा के प्यास पर प्रशासन सख्त, एक हफ्ते में समाधान नहीं तो एजेंसियां होंगी ब्लैकलिस्ट।

दरभंगा: प्रमंडल के विभिन्न क्षेत्रों में उत्पन्न पेयजल संकट की गंभीर स्थिति को देखते हुए बुधवार को लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग, बिहार, पटना के विशेष सचिव संजीव कुमार की अध्यक्षता में दरभंगा अतिथि गृह में एक अहम समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

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बैठक में दरभंगा प्रमंडल के जल संकट प्रभावित प्रखंडों—जाले, बेनीपुर, घनश्यामपुर, बहादुरपुर, बहेड़ी एवं बिरौल की स्थिति की विस्तार से समीक्षा की गई। विशेष सचिव ने स्पष्ट शब्दों में निर्देश दिया कि आपदा की स्थिति में पेयजल आपूर्ति में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी संबंधित एजेंसियों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि एक सप्ताह के भीतर ठोस समाधान नहीं हुआ तो उन्हें ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा।

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श्री कुमार ने निर्देश दिया कि जलापूर्ति सुनिश्चित करने के लिए फील्ड में कार्यरत टीमों की संख्या में वृद्धि की जाए और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त संसाधन तत्काल जुटाए जाएं।

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बैठक में उपस्थित जिलाधिकारी कौशल कुमार ने भी संकट की संवेदनशीलता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि कई क्षेत्रों में जल संकट के कारण विधि-व्यवस्था की चुनौतियाँ उत्पन्न हो रही हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रखंड, पंचायत और वार्ड स्तर पर प्रत्येक घर तक पेयजल पहुँचाना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

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डीएम ने यह भी स्पष्ट निर्देश दिया कि जहां भी मोटर जल गए हैं, स्टार्टर खराब हैं या विद्युत आपूर्ति में गड़बड़ी है, उन्हें 24 घंटे के भीतर मरम्मत कर पेयजल आपूर्ति बहाल की जाए। उन्होंने संवेदकों को आदेश दिया कि वे न्यूनतम 10 मोटरों का स्टॉक बनाए रखें ताकि जरूरत पड़ने पर 12 घंटे के भीतर किसी भी स्थान पर मोटर स्थापित की जा सके।

उल्लेखनीय है कि दरभंगा प्रमंडल के कई क्षेत्रों में भीषण गर्मी और जलस्तर में गिरावट के कारण पेयजल संकट गहराता जा रहा है, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन ने इस संकट से निपटने के लिए अब सख्त रुख अपना लिया है।

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