
दरभंगा में गुंडों का बोलबाला, पुलिस बनी मूकदर्शक; गांव में घुसकर बारह राउंड फायरिंग।
दरभंगा: बुधवार की शाम करीब 4 बजे एयरपोर्ट से उत्तर भेड़ियाही गांव में 7 बाइक पर सवार 16 नकाबपोश बदमाशों ने फायरिंग की। गोलीबारी शमशे आलम उर्फ पप्पू के नवनिर्मित मकान के बाहर हुई। बदमाशों ने करीब 12 राउंड गोलियां चलाईं। गोलियों की आवाज से इलाके में दहशत फैल गई। वारदात के बाद बदमाश फरार हो गए।

शमशे आलम दरभंगा बस स्टैंड के टेंडर लेने वाले संवेदक के पार्टनर हैं। वे नजरे आलम के छोटे भाई हैं। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची।

नजरे आलम ने बताया, ‘मैं राजनीतिक व्यक्ति हूं। मेरे भाई ने हाल ही में बस स्टैंड के टेंडर में पार्टनर के रूप में पैसा लगाया है। इससे पहले एयरपोर्ट के पास भी उनके भाई पर हमला हुआ था। उस समय भी प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की थी। दरभंगा में अपराधियों का मनोबल बढ़ गया है। अब क्या कारोबार छोड़ दें, दरभंगा छोड़ दें?’

एसआई लुकमान खान ने बताया कि घटनास्थल से खोखा बरामद किया गया है। आवेदन मिलने पर प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।
सात-आठ बाइक पर सवार अपराधियों ने हमला किया। पिस्टल और चाकू से लैस अपराधियों ने घर के बाहर और अंदर करीब 10 से 12 राउंड फायरिंग की। मौके से 6- 7 खोखे बरामद हुए हैं। घटना के समय बच्चे स्कूल गए थे, नहीं तो बड़ी अनहोनी हो सकती थी।

नजरे आलम ने बताया कि जिस दिन बस स्टैंड का टेंडर हुआ, उसी दिन मेरे गांव के पास एयरपोर्ट चौक पर ग्रामीणों को पिस्टल दिखाकर धमकाया गया। कहा गया कि अगर शमशे आलम दिखा तो अगली बार उसे मार देंगे। अपराधियों ने कहा कि 2 करोड़ में टेंडर किया है तो हर महीने 10 लाख रुपए दो।
नजरे ने कहा कि मेरे भाई शमशे आलम उर्फ पप्पू इस मकान में रहते हैं। हमला उन्हीं पर किया गया। मुझे शक है कि बस स्टैंड के टेंडर को लेकर ही यह हमला हुआ है। अपराधी चिह्नित हैं। वही लोग इलाके में और बस स्टैंड में भी अपराध करते हैं। उन्हें एक बड़े राजनीतिक परिवार का संरक्षण मिला हुआ है।
नजरे आलम ने सवाल उठाया कि क्या प्रशासन किसी दबाव में काम कर रहा है? क्या कार्रवाई के लिए दोनों भाइयों की लाश का इंतजार है?
उन्होंने प्रशासन से सुरक्षा बढ़ाने की मांग की। कहा कि मेरे भाई और परिवार की जान को खतरा है। अपराधी खुलेआम गोली चला रहे हैं, लेकिन पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही।

