
दरभंगा में शराबबंदी उल्लंघन के जब्त वाहनों की नीलामी, सरकार को 21 लाख की आय।
दरभंगा: बिहार मद्यनिषेध एवं उत्पाद अधिनियम के तहत जब्त वाहनों की नीलामी एक्साइज विभाग परिसर, लहेरियासराय में संपन्न हो गई। इस नीलामी में राज्य के करीब दो दर्जन जिलों से सैकड़ों प्रतिभागी पहुंचे, जहां छोटे-बड़े वाहनों जैसे कार, टेंपो, मोटरसाइकिल और कबाड़ गाड़ियों पर बोली लगाई गई।
सहायक आयुक्त (मद्यनिषेध) प्रदीप कुमार ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर गठित नीलामी समिति ने कुल 49 वाहनों की बिक्री की, जिसमें 16 सामान्य वाहन और 33 कबाड़ वाहन शामिल थे। इससे सरकार को 20.97 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। कुमार ने कहा कि बिहार में शराबबंदी पूर्ण रूप से लागू है और शराब का परिवहन, भंडारण या विक्रय दंडनीय अपराध है।

समाहरणालय की सूचना के अनुसार, मद्यनिषेध एवं पुलिस विभाग द्वारा जब्त और न्यायालय द्वारा राज्यसात घोषित वाहनों को नीलामी के माध्यम से बेचा गया। प्रतिभागियों को आधार कार्ड जैसे पहचान पत्र प्रस्तुत करने पड़े। आवेदन की अंतिम तिथि 16 अक्टूबर थी, जबकि शेष जब्त वाहनों की अगली नीलामी 10 से 29 नवंबर तक होगी। यदि किसी दिन नीलामी पूरी न हो, तो अगले कार्यदिवस पर जारी रखी जाएगी। सामान्य वाहनों के लिए न्यूनतम मूल्य पर 10 से 20 प्रतिशत छूट दी गई ताकि अधिक भागीदारी सुनिश्चित हो।पटना के परिवहन आयुक्त कार्यालय के नए निर्देशानुसार, सफल बोलीदाता को वाहन स्वामित्व हस्तांतरण के लिए जिला परिवहन पदाधिकारी (आरटीओ) कार्यालय में आवेदन करना होगा। इसमें नीलामी राशि के अलावा निर्धारित शुल्क और 3 प्रतिशत अतिरिक्त सेवा शुल्क (बीआईटी/बीपीओ/टीआईसी/पीटीएमएस खाते में) जमा करना अनिवार्य है। नीलामी राशि का भुगतान तीन दिनों के भीतर करना होगा, अन्यथा बोली रद्द मानी जाएगी। हस्तांतरण तभी होगा जब सभी कर, शुल्क और दस्तावेज पूर्ण हों।विभाग ने स्पष्ट किया कि केवल वे व्यक्ति भाग ले सकते हैं जिनका कोई सरकारी बकाया या विवादित मामला लंबित न हो।

प्रतिभागियों को जीएसटी रिटर्न और वैधानिक दस्तावेज भी दिखाने पड़े। अब राज्य के किसी भी जिले के वाहन या कोषागार संबंधी कार्य दरभंगा जिला परिवहन कार्यालय में भी कराए जा सकते हैं। बिहार से बाहर पंजीकृत वाहनों के लिए भी शुल्क समय पर जमा करना जरूरी है।यह नीलामी न केवल शराबबंदी कानून के सख्त क्रियान्वयन का प्रतीक बनी, बल्कि सरकारी राजस्व वृद्धि में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया।


