नदियों जलस्तर वृद्धि की रफ़्तार में आयी गिरावट।

दरभंगा: शनिवार को दरभंगा जिले के पूर्व में प्रवाहित होने वाली नदियाँ यथा – कमला-बलान व कोसी के जलस्तर में जहां शुक्रवार की तुलना में गिरावट दर्ज की गई, वहीं पश्चिमी क्षेत्र में प्रवाहित नदी खिरोई, अधवारा, बागमती व करेह का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पाया गया।
कमला-बलान का जलस्तर शनिवार को सुबह 50.45 मीटर था, शाम में घटकर 50.40 मीटर हो गया। उम्मीद की जा रही है कि इसके जलस्तर में और गिरावट हो सकेगी।
कोसी के जलअधिग्रहण क्षेत्र में सुबह में जहां 01 लाख 76 हजार घनफीट प्रति सेकेण्ड पानी का बहाव था,वहीं दोपहर में बढ़कर 01 लाख 86 हजार घनफीट प्रति सेकेण्ड हो गया। कार्यपालक अभियंता, कोसी तटबंध प्रमण्डल ने बताया कि कल की तुलना में यह प्रवाह कम है तथा रात में इसमें और गिरावट आ सकती है।
कमला-बलान व कोसी के बहाव क्षेत्र में दरभंगा के किरतपुर, घनश्यामपुर, कुशेश्वरस्थान तथा कुशेश्वरस्थान पूर्वी अंचल आते हैं। इन अंचलों के कुल 12 पंचायतों के 34 गांवों में कमला व कोसी का पानी घुसा हुआ है। इससे ग्रामीणों के आवागमन बाधित होने की सूचना है। प्रशासन द्वारा तत्काल कुल 88 सरकारी व निजी नावों का परिचालन कराया जा रहा है, जिससे स्थिति सामान्य बनी हुई है और आवागमन व्यवस्था बहाल है।
इधर, खिरोई नदी में कमतौल के पास सुबह में जहां 49.87 मीटर जलस्तर रिकार्ड किया गया, वहीं दोपहर में बढ़कर 49.94 मीटर हो गया। इसी भांति एकमीघाट के निकट अधवारा समूह का जलस्तर भी 46.32 मीटर से बढ़कर 46.34 मीटर हो गया। बागमती व करेह में भी लगातार वृद्धि जारी है। इन नदियों के प्रवाह क्षेत्र में मुख्य रूप से जाले, हनुमाननगर, हायाघाट, बहादुरपुर आदि अंचल पड़ते हैं। नदी के जलस्तर में वृद्धि को देख प्रशासनिक स्तपर पर निगरानी बढ़ा दी गई है। बावजूद इसके ये तमाम नदियां अभी खतरे के निशान से नीचे है।
जिलाधिकारी डाॅ0 चन्द्रशेखर सिंह ने नदी किनारे के सभी अंचलों के अंचल अधिकारी को तमाम प्राथमिक आवश्यकताओं यथा – नाव का परिचालन, नियमित गश्ती, रोशनी-पानी आदि की व्यवस्था दुरूस्त रखने का निदेश दिया है। आकस्मिक स्थिति से निपटने हेतु एनडीआरएफ टीम की एक टुकड़ी को भी जिला मुख्यालय में तैनात रखा गया है। लबोलुबाब स्थिति अभी सामान्य बनी हुई है। उपरोक्त सारी जानकारी वरीय उप समाहत्र्ता-सह- प्रभारी पदाधिकारी आपदा प्रबंधक विभाग श्री रवीन्द्र कुमार दिवाकर ने दी।

