
पंचायत समिति बैठक में विधायक का सख्त संदेश, अधिकारियों को समन्वय से काम करने का निर्देश।
दरभंगा: प्रखंड मुख्यालय स्थित सभागार में बुधवार को प्रखंड पंचायत समिति की बैठक प्रमुख ममता देवी की अध्यक्षता में हुई। बैठक का संचालन बीडीओ सह कार्यपालक पदाधिकारी मिहिर मयंक ने किया। पंचायत समिति के कार्यपालक पदाधिकारी के रूप में बीडीओ की भूमिका पंचायत समिति के निर्णयों/प्रस्तावों के क्रियान्वयन से भी जुड़ी मानी जाती है।

बैठक में विधायक सुजीत कुमार ने कहा कि जनप्रतिनिधियों के सम्मान के साथ विकास कार्यों को गति देना प्राथमिकता है और प्रशासन को जनप्रतिनिधियों के साथ सामंजस्य बनाकर सरकार की योजनाओं को धरातल पर उतारना चाहिए। उन्होंने सभी पदाधिकारियों से आग्रह किया कि जनप्रतिनिधियों की बातों को गंभीरता से लें और कार्यशैली में समन्वय रखें। विधायक ने सीओ को निर्देश दिया कि पंचायतवार संबंधित कर्मचारियों का रोस्टर बनाकर राजस्व कर्मियों की उपस्थिति/कार्य-निष्पादन सुनिश्चित कराया जाए, ताकि आम लोग अनावश्यक रूप से परेशान न हों।
बैठक में पूर्व बैठक की कार्यवाही व पारित प्रस्तावों की संपुष्टि नहीं होने पर सदस्यों ने नाराजगी जताई और इसे बैठक की उपयोगिता से जोड़कर सवाल उठाया। इसके बाद मुखियाओं/जनप्रतिनिधियों ने पीआरएस के पंचायतों से स्थानांतरण को मनमाना बताते हुए उपेक्षा का आरोप लगाया। गौड़ाबौराम क्षेत्र में मनरेगा को लेकर भी नाराजगी सामने आई और कहा गया कि अक्टूबर से अब तक योजनाओं का मस्टर रोल (हाजिरी व भुगतान विवरण से जुड़ा रिकॉर्ड) नहीं बन पाया है, जिससे भुगतान प्रक्रिया प्रभावित होती है।

मुखिया विजय चौधरी व मुखिया संघ अध्यक्ष शिवशंकर मिश्र ने अंचल कार्यालय पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि जमीन का पर्चा वितरण में गरीबों को वंचित किया गया, जबकि सक्षम लोगों को लाभ मिला। मुखिया कुमारी शिप्रा ने गरीब व नि:सहाय लोगों पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग रखी।
मुखिया रंजित झा गुड्डू ने पंचायत स्तर पर वृद्धावस्था पेंशन, आधार केंद्र, दिव्यांग शिविर, आशा बहाली तथा उप-स्वास्थ्य केंद्रों पर 24 घंटे डॉक्टर-नर्स की उपलब्धता का मुद्दा उठाया, जबकि वैश्यलगमा में पुल निर्माण और आसी पंचायत के उसराहा परती पर बसे लोगों को पर्चा दिलाने की मांग भी बैठक में रखी गई।

