Home Featured प्रधानमंत्री आवास योजना के सर्वे में रिश्वतखोरी का आरोप, ग्रामीणों ने धरना प्रदर्शन की चेतावनी दी।
Featured - मुख्य - January 21, 2026

प्रधानमंत्री आवास योजना के सर्वे में रिश्वतखोरी का आरोप, ग्रामीणों ने धरना प्रदर्शन की चेतावनी दी।

दरभंगा: बहादुरपुर प्रखंड के बसतपुर पंचायत में प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना को लेकर सरकारी सिस्टम की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि योजना का सर्वे निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से कराने के बजाय घोर अनियमितता, रिश्वतखोरी और मनमानी का सहारा लिया जा रहा है।

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आरोपों के केंद्र में पंचायत रोजगार सेवक राजन कुमार चौधरी के साथ-साथ पूरे प्रशासनिक तंत्र पर अंगुली उठ रही है, जिस पर निगरानी और नियंत्रण की जिम्मेदारी खुद सिस्टम की है। ग्रामीणों ने शिकायत की कि बसतपुर पंचायत का सर्वे कार्य आधिकारिक रूप से रोजगार सेवक राजन कुमार चौधरी को सौंपा गया, लेकिन उन्होंने पैसा लेकर चुनिंदा वार्डों में ही सर्वे किया। जिन परिवारों ने पैसे नहीं दिए, उनका सर्वे छोड़ दिए।

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ग्रामीणों का कहना है कि प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास जैसी महत्वपूर्ण केंद्रीय योजना को गांव के स्तर पर भ्रष्टाचार और पैरवी की भेंट चढ़ा दिया गया है, जबकि जिला और प्रखंड प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है। ग्रामीणों ने यह भी सवाल उठाया कि जब सर्वे का अंतिम समय जनवरी माह तक ही निर्धारित है, तब भी बसतपुर गांव, मधुबन, ऊष्मामठ आदि बस्तियों में अब तक सर्वे शुरू तक नहीं हुआ।

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ग्रामीण भोला पासवान और बटोही मुखिया सहित अन्य लोगों ने आरोप लगाया कि सिस्टम की मिलीभगत के बिना इस तरह की खुली मनमानी संभव ही नहीं है। उनके मुताबिक, कागजों पर योजनाओं की सफलता के दावे किए जाते हैं, जबकि जमीन पर गरीब और वास्तविक हकदार परिवार बुनियादी आवास के अधिकार से वंचित छोड़ दिए जाते हैं।

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ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि प्रखंड और जिला स्तर पर बैठी प्रशासनिक मशीनरी तुरंत संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच, जिम्मेदार कर्मियों पर कार्रवाई और पुनः पारदर्शी सर्वे की व्यवस्था नहीं करती, तो वे प्रखंड मुख्यालय पर जोरदार विरोध-प्रदर्शन और घेराव करने को बाध्य होंगे।

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ग्रामीणों ने यह भी मांग की कि पूरे सर्वे प्रक्रिया की उच्चस्तरीय जांच हो, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कितने पात्र परिवारों को सिस्टम की लापरवाही और भ्रष्टाचार की वजह से सूची से बाहर कर दिया गया।

वहीं, जब इस पूरे प्रकरण पर प्रखंड विकास पदाधिकारी अश्विनी कुमार से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि संबंधित कर्मी की तबीयत खराब हो जाने के कारण सर्वे कार्य बाधित हुआ था। बीडीओ ने दावा किया कि जल्द ही दूसरे कर्मी की प्रतिनियुक्ति कर बसतपुर पंचायत का शत-प्रतिशत सर्वे कराया जाएगा, ताकि कोई भी पात्र परिवार वंचित न रहे।

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