Home Featured बच्चों को मजदूरी करते देख भेजें फोटो, तत्काल होगी कार्रवाई।
Featured - मुख्य - September 9, 2025

बच्चों को मजदूरी करते देख भेजें फोटो, तत्काल होगी कार्रवाई।

दरभंगा: जिले के जिला अतिथिगृह में मंगलवार को बिहार राज्य बाल श्रमिक आयोग की जिलास्तरीय बैठक आयोजित हुई। इसकी अध्यक्षता आयोग के माननीय उपाध्यक्ष अरविंद शर्मा ने की। बैठक में विभिन्न विभागों के पदाधिकारी एवं अधिकारी मौजूद रहे।

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उपाध्यक्ष शर्मा ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बाल श्रमिकों की विमुक्ति और पुनर्वास कार्यों में निरंतर अभियान चलाया जाए। उन्होंने कहा कि दरभंगा जिले में इस दिशा में सराहनीय पहल हुई है, परंतु इसे और गति देने की आवश्यकता है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को परामर्श देते हुए कहा कि आपसी समन्वय के साथ जागरूकता अभियान गांव-गांव और गरीब परिवारों तक पहुंचाया जाए।

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समाज की भागीदारी पर जोर

शर्मा ने कहा कि बाल श्रम एक गंभीर सामाजिक कुरीति है, जो समाज के सर्वांगीण विकास में बाधक है। इसे समाप्त करने के लिए केवल सरकारी प्रयास पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि समाज के सभी वर्गों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है।

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शिकायत दर्ज करने के लिए व्हाट्सएप नंबर जारी

सर्किट हाउस में उपाध्यक्ष ने बताया कि यदि किसी भी स्थान पर बच्चों को मजदूरी करते देखा जाए, तो उसकी फोटो खींचकर 94712-29133 नंबर पर भेजी जा सकती है। यह बाल श्रमिक आयुक्त का व्हाट्सएप नंबर है। सूचना प्राप्त होते ही तत्काल छापेमारी की जाएगी।

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शिक्षा और पुनर्वास पर सरकार का जोर

उपाध्यक्ष ने कहा कि आयोग का लक्ष्य है कि बिहार में कोई भी बच्चा मजदूरी करने को मजबूर न हो। इसके लिए शिक्षा, स्वास्थ्य और पुनर्वास योजनाओं को मजबूत किया जा रहा है। सरकार बच्चों को साइकिल, पोशाक, प्रोत्साहन राशि, मध्यान्ह भोजन व मुफ्त इलाज जैसी सुविधाएं उपलब्ध करा रही है।

उन्होंने उदाहरण स्वरूप कहा कि कई बच्चे पारिवारिक परिस्थितियों—जैसे मां की मृत्यु, पिता के बाहर काम करने चले जाने या मां की दूसरी शादी—के कारण मजबूरी में मजदूरी करने लगते हैं। ऐसे मामलों की पहचान कर पुनर्वास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

बाल सुधार गृह प्रकरण में सख्त कार्रवाई का आश्वासन

बाल सुधार गृह में बच्चों की मौत से जुड़े सवाल पर उपाध्यक्ष ने कहा कि सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी और जांच पूरी गंभीरता से हो रही है।

पुनर्वास के लिए तात्कालिक सहायता

शर्मा ने बताया कि जब भी बाल श्रमिक पकड़े जाते हैं, तत्काल पुनर्वास की व्यवस्था की जाती है। बच्चों को ₹3000 की लागत से नए कपड़े दिए जाते हैं। इसके अलावा मुख्यमंत्री राहत कोष से ₹20,000 और जिला पदाधिकारी की ओर से ₹5000 की राशि दी जाती है। साथ ही बच्चे का स्कूल में दाखिला कराकर उसकी पढ़ाई शुरू कराई जाती है।

जागरूकता अभियान लगातार जारी

उन्होंने कहा कि सरकार टीवी, समाचार पत्रों और जागरूकता रथ के माध्यम से लगातार प्रचार-प्रसार कर रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि समाज यदि आगे आएगा तभी बाल मजदूरी जैसी कुरीति को पूरी तरह समाप्त किया जा सकेगा।

बैठक में उप श्रमायुक्त दरभंगा प्रमंडल, सहायक निदेशक बाल संरक्षण इकाई, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, श्रम अधीक्षक, विभिन्न पुलिस पदाधिकारी, खनिज विकास पदाधिकारी, आईसीडीएस के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, बाल संरक्षण पदाधिकारी, कल्याण पदाधिकारी तथा सभी श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी उपस्थित थे।

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