
राज्यव्यापी कार्यक्रम के तहत आक्रोश मार्च निकाल सीपीएम ने फूंका स्वास्थ्य मंत्री का पुतला।
दरभंगा: भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के राज्यव्यापी कार्यक्रम के तहत दरभंगा जिला कमेटी की ओर से मुजफ्फरपुर की दलित नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता की पीएमसीएच में ईलाज के दौरान लापरवाही से हुई मौत के विरोध में स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की मांग के साथ आक्रोश मार्च निकाला गया। मार्च धरना स्थल से शुरू होकर आयुक्त कार्यालय, समाहरणालय, लहेरियासराय टावर, ब्रजकिशोर पथ, लोहिया चौक होते हुए पुन: लहेरियासराय टावर पहुंचा। जहां स्वास्थ्य मंत्री का पुतला दहन किया गया। वहीं टावर चौक पर नरेन्द्र मंडल की अध्यक्षता में सभा का आयोजन किया गया।

सभा को संबोधित करते हुए माकपा के राज्य सचिव ललन चौधरी ने कहा कि मुजफ्फरपुर नाबालिग दलित लड़की के साथ हुई दुष्कर्म एवं मौत की घटना ने शर्मसारकर दिया है । 11 वर्षीय दलित नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद उसे चाकू से गोदकर गंभीर रूप से घायल कर दिया गया। मुजफ्फरपुर मेडिकल कॉलेज से बेहतर ईलाज हेतु उसे पीएमसीएच, पटना भेजा गया, लेकिन वहां घंटों तक भर्ती नहीं लिया गया और समय पर ईलाज न मिलने के कारण बच्ची की मौत हो गई। यह एक घोर अपराधिक लापरवाही है। उन्होंने कहा कि पीएमसीएच समेत पूरे राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। इस मौत के जिम्मेदार स्वयं स्वास्थ्य मंत्री हैं और उन्हें तत्काल इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि नीतीश सरकार चुप है और डबल इंजन की सरकार में अपराध लगातार बढ़ते जा रहे हैं। बिहार में कानून-व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं रह गई है। हर दिन दुष्कर्म और आपराधिक घटनाएं सामने आ रही हैं। श्री चौधरी ने बताया कि आज पूरे राज्य में सीपीआई (एम) द्वारा स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर आक्रोश मार्च और पुतला दहन किया गया है।

उन्होंने कहा कि 8 जून 2025 को पार्टी का पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल मुजफ्फरपुर जाकर पीड़िता के परिजनों से मिलेगा और इस पूरे मामले पर राज्यव्यापी संघर्ष को तेज करने के लिए 11 जून को पटना में पार्टी सचिव मंडल की विशेष बैठक बुलाई गई है। सभा को संबोधित करते हुए पार्टी के राज्य सचिव मंडल सदस्य श्याम भारती ने कहा कि यह पहली घटना नहीं है। पीएमसीएच में ईलाज के अभाव और असंवेदनशील व्यवहार के कारण दलित बच्ची की मौत हो गई। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि अब तक स्वास्थ्य मंत्री ने नैतिकता के आधार पर इस्तीफा नहीं दिया है। उन्होंने कहा कि दुष्कर्म की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन दोषियों पर सख्त कारवाई नहीं होने के कारण उनका मनोबल बढ़ रहा है।

सभा को बहादुरपुर सचिव गणेश महतो, जिला कमेटी सदस्य सुशीला देवी, राजीव चौधरी, विनोद पासवान, हरिशंकर राम, रामवृक्ष मांझी, जयकांत मांझी, बद्री पासवान, राजेश राम, उग्र नारायण गिरी, कुसमी देवी, गीता देवी आदि ने संबोधित किया।

