
सक्षमता परीक्षा के नाम पर शिक्षकों का उत्पीड़न: पंचायत-नगर शिक्षक संघ; डीईओ-डीपीओ को सौंपा मांग पत्र।
दरभंगा: सरकार और सरकारी आलाकमान पर शिक्षकों के साथ “जोर-जुल्म” की नीति अपनाने का आरोप लगाते हुए बिहार पंचायत नगर प्रारंभिक शिक्षक संघ ने सक्षमता परीक्षा का विरोध तेज कर दिया है। संघ के जिलाध्यक्ष रफीउद्दीन ने सोमवार को लहेरियासराय स्थित पोलो मैदान में आयोजित बैठक में कहा कि सरकार सक्षमता परीक्षा के नाम पर शिक्षकों को परेशान कर रही है, जिससे शिक्षा व्यवस्था को नुकसान पहुंच रहा है।

बैठक के बाद संघ की ओर से मांग पत्र जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) तथा जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) कार्यालय में सौंपा गया। रफीउद्दीन ने कहा कि परिवार, समाज और देश की दिशा-दशा बेहतर करने में शिक्षा की भूमिका सबसे अहम है, लेकिन भय का माहौल बनाकर बेहतर शिक्षा की कल्पना नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि नियोजित शिक्षकों से पहले ही दक्षता परीक्षा ली जा चुकी है और टीईटी अथवा बीपीएससी के माध्यम से चयनित शिक्षक नियुक्ति से पहले ही निर्धारित मानकों के अनुसार योग्य हैं। इसके बावजूद सक्षमता परीक्षा को शिक्षकों के “दोहन” और “अपमान” से जोड़ते हुए उन्होंने साथियों से अपील की कि वे अपने निर्णय पर अटल रहें और परीक्षा में न बैठें।

जिलाध्यक्ष ने पूर्व नियमावली 2006 (यथा संशोधित 2012 व 2020) के आलोक में स्नातक प्रोन्नति तथा प्रधानाध्यापक पद पर प्रोन्नति का लाभ लागू कराने की मांग भी उठाई। वहीं अभय मिश्रा ने आंदोलन के दौरान 31 शिक्षकों के काटे गए वेतन का भुगतान अविलंब कराने की मांग रखते हुए कहा कि पहले अधिकारियों से मिलकर समाधान की कोशिश की जाएगी, अन्यथा आगे आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा।

बैठक में अभिनाश कुमार, रंजन पासवान, प्रशांत कुमार, रंजीत कुमार, मो. सऊद अनवर, ललन मंडल, शाहीदुर रहमान, महेश पासवान, सोहराब अली, पूनम देवी, अबू बकर, प्रमोद कुमार, नंदलाल पासवान, श्याम साहनी, पंकज चौधरी, तनवीर आलम, संजय साफी, महेश प्रसाद सहित बड़ी संख्या में शिक्षक शामिल हुए।

