
सांसद के रिश्तेदार से हुए लूट मामले का पुलिस ने किया उद्भेदन।
दरभंगा: अलीनगर थाना क्षेत्र के पकड़ी चौक के किराना व्यवसायी प्रभंश झा उर्फ गुड्डू झा से लूट की घटना के चार दिन बाद अलीनगर थानाध्यक्ष की तत्पड़ता से बीते दिन गुरुवार को सभी चार अपराधियों को गिरफ्तार कर शनिवार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। ये जानकारी शनिवार को अलीनगर थाना कार्यालय में प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए एसएसपी अवकाश कुमार ने दी।

उन्होंने कहा कि हमारी पुलिस टीम की कुशल तत्पड़ता के कारण घटना के रात को ही पहले थानाध्यक्ष सरवर आलम एवं पुअनि रूपा कुमारी ने स्थानीय थाना क्षेत्र के पकड़ी गांव से दो युवकों को गिरफ्तार कर पुलिसिया कारवाई आरंभ की। दूसरे ही दिन पुलिस की सख्ती के आगे घुटने टेकते हुए पकड़ी निवासी भुटुर यादव के पुत्र विनोद यादव ने उसके नेतृत्व में ही लूट की घटना होने की बात स्वीकार करते हुए पूरे घटनाचक्र का खुलासा किया। इसमें उसने लाइनर की भूमिका निभायी थी। इसके बाद पूर्व से ही कई आपराधिक मामलों के अभियुक्त सकतपुर थाना क्षेत्र के राजाखड़वार निवासी धर्मदेव यादव के पुत्र चंदन यादव को एक नवंबर की रात को उसके घर से गिरफ्तार किया।

इसके बाद कई बड़ी आपराधिक घटनाओं में चर्चित कुशेश्वरस्थान थाना क्षेत्र के शंकरपुर भुस्करवा गांव के दो अपराधी को पकड़ने के लिए बिरौल सह बेनीपुर प्रभारी एसडीपीओ मनीषचंद्र चौधरी के नेतृत्व में टीम गठित की गई, जिसमें अलीनगर थानाध्यक्ष के अलावा बहेड़ा पुनि बसंत झा, अलीनगर पुअनि रूपा कुमारी और बिरौल, घनश्यामपुर एवं कुशेश्वरस्थान थानाध्यक्ष क्रमश सत्य प्रकाश झा, अजीत कुमार व राकेश कुमार सहित अलीनगर के दरोगा मंजीत सिंह, सिपाही मुकेश कुमार, धनंजय कुमार, रामबाबू और राजीव कुमार शामिल थे। तकनीकी टीम ने पकड़ी निवासी गिरफ्तार अपराधी विनोद यादव को साथ लेकर उसके निशानदेही पर शंकरपुर भुस्करवा गांव से देबू यादव के पुत्र मुकेश यादव और रामबालक यादव के पुत्र राकेश यादव को काफी मशक्कतों के बाद बीते दो नवंबर की देर रात को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार लुटेरों के पास से 98 हजार रुपया नगद के साथ एक काला रंग का बैग, दो लाल रंग का खाता बही रजिस्टर, दो बिल बुक, दो चाभी का गुच्छा और घटना को अंजाम देने में प्रयोग किया एक काली लाल रंग की टीवीएस अपाचे बाइक एवं तीन मोबाइल भी जप्त किया गया। अपराधियों ने स्वीकार किया कि पीड़ित व्यवसायी के बैग में कुल दो लाख दस हजार रुपया था जिसमें से वेलोग एक लाख बारह हजार रुपया खर्च कर चुके हैं। मालूम हो कि 30 अक्टूबर की शाम दुकान बंद कर घर लौट रहे व्यवसायी से लूट हुई थी।


