
स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा बैठक: आयुक्त ने दिए अल्ट्रासाउंड केंद्रों की जांच और बायोमेडिकल कचरा नियंत्रण के निर्देश।
दरभंगा: प्रमंडलीय आयुक्त कौशल किशोर की अध्यक्षता में बुधवार को प्रमंडलीय सभागार में स्वास्थ्य विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में दरभंगा, मधुबनी एवं समस्तीपुर जिलों के सिविल सर्जनों के साथ स्वास्थ्य सेवाओं की वर्तमान स्थिति और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की गहन समीक्षा की गई।

आयुक्त ने निर्देश दिया कि सभी सदर अस्पतालों में शल्य चिकित्सा (सर्जरी) अनिवार्य रूप से संचालित होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि अनुमंडलीय अस्पतालों में प्रति माह न्यूनतम चार दिनों तक सर्जरी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। दरभंगा के सिविल सर्जन को बेनीपुर एवं बिरौल अनुमंडलीय अस्पतालों में सर्जरी की सुविधा चालू रखने हेतु एनेस्थेटिस्ट चिकित्सकों की तैनाती के निर्देश दिए गए।

बैठक के दौरान आयुक्त ने पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट के तहत जिले में संचालित सभी पंजीकृत एवं अपंजीकृत अल्ट्रासाउंड केंद्रों की औचक जांच कराने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी सिविल सर्जनों को रेडियोलॉजिस्ट की सूची तैयार कर नियमित निगरानी सुनिश्चित करने को कहा, ताकि भ्रूण लिंग जांच जैसे अवैध कार्यों पर रोक लगाई जा सके।

स्वास्थ्य संस्थानों से निकलने वाले बायोमेडिकल कचरे को सड़क किनारे फेंके जाने की शिकायतों पर आयुक्त ने गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने निर्देश दिया कि संबंधित सिविल सर्जन इस मामले में जांच कर जवाबदेही तय करें और बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद को रिपोर्ट भेजें।

इसके अलावा, अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों हेतु भूमि उपलब्धता पर भी बैठक में विचार-विमर्श हुआ। सभी सिविल सर्जनों को इस संबंध में शीघ्र प्रतिवेदन देने को कहा गया। दरभंगा जिले के गौड़ाबौराम, मनीगाछी और कुशेश्वरस्थान प्रखंडों में निर्माणाधीन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण करने के निर्देश सिविल सर्जन दरभंगा को दिए गए। वहीं बीएमएसआईसीएल के अभियंताओं को निर्माण कार्य में तेजी लाने और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए गए।
अंत में आयुक्त ने घोषणा की कि आगामी 10 से 15 दिनों के भीतर अगली समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें सभी सिविल सर्जनों को पूरी तैयारी के साथ उपस्थित रहना होगा।
बैठक में आयुक्त के सचिव सत्येंद्र कुमार, दरभंगा के सिविल सर्जन डॉ. अरुण कुमार, समस्तीपुर और मधुबनी के सिविल सर्जन, डीपीएम हेल्थ सहित अन्य स्वास्थ्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

