Home Featured गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सिर्फ शिक्षक एवं छात्र ही नहीं वरन समस्त समाज का उत्तरदायित्व: आरसीपी।
July 27, 2019

गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सिर्फ शिक्षक एवं छात्र ही नहीं वरन समस्त समाज का उत्तरदायित्व: आरसीपी।

दरभंगा : गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सिर्फ शिक्षक, छात्र व अभिभावक का ही नहीं वरन समस्त समाज का उत्तरदायित्व है। जबतक समेकित प्रयास नहीं होगा इस लक्ष्य को नहीं प्राप्त किया जा सकता है। शिक्षकों का प्रारंभिक व अंतिम लक्ष्य छात्रों के माइंड को इस तरह प्रशिक्षित करना है, ताकि उसमें निरन्तर जानने की इच्छा बनी रहे। उसका दिमागी क्षमता का सदैव व्यवहार होता रहे। ये बातें शनिवार को ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के जुबली हॉल में ‘वैश्वीकरण के संदर्भ में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा : एक चुनौती’ विषय पर आयोजित राष्ट्रीय सेमिनार का उद्घाटन करते हुए जदयू के राज्यसभा सांसद आरसीपी सिंह ने कही। उन्होंने कहा कि सूचना ही ज्ञान है और ज्ञान ही शक्ति। शिक्षक बच्चों के समक्ष अपने सूचनाओं को किस तरह परोस रहे हैं। यही विकसित पद्धति गुणवत्ता के रूप में जानी जायेगी। यह विकसित पद्धति शिक्षकों के स्वयं अध्ययन व चिंतन पर निर्भर करता है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए अभिभावकों को भी अपने सोच में परिवर्त्तम करना पड़ेगा। उन्हें बच्चे के विषय चयन में दवाब से मुक्त रखना होगा। ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एस. के. सिंह ने कहा कि जब पूरे देश में शिक्षा नीति पर विमर्श हो रहा हो तो प्रस्तुत विषय काफी प्रासंगिक है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से पूर्व शिक्षा का उद्देश्य निर्धारित करना पड़ेगा कि केवल जीविकोपार्जन ही शिक्षा का उद्देश्य होगा। शिक्षा का उद्देश्य देश व समाजिक उत्तरदायित्व का निर्वह्न भी है। आज हम गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से बहुत दूर दिख रहे हैं। इसके लिए अपने तार्किक क्षमता का उन्नयन करना आवश्यक है। संवेदनशीलता के बिना गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का उद्देश्य पूरा नहीं किया जा सकता है। इसके लिए प्राथमिक व माध्यमिक शिक्षा पर जोर देकर नींव को सुदृढ़ करने की जरूरत है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए केएसडीएस के कुलपति डॉ. सर्वनारायण झा ने कहा कि वैश्वीकरण कोई नया नहीं है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए शिक्षकों को छात्रों व समाज के बीच अपना विश्वास जगाना चाहिए। इसके लिए स्वस्थ शैक्षिक वातावरण का निर्माण करना सबसे जरूरी हो गया है। शिक्षकों को अपना नैतिक दायित्व को पूरा करने का समय आ गया है। मुख्य वक्ताओं में अध्यक्ष, छात्र कल्याण डॉ. रतन कुमार चौधरी, प्रो. मीना बनर्जी, पूर्व सांसद मो. अली अशरफ फातमी, एमएलसी रणवीर नन्दन कुशवाहा, कमल बुद्धा, प्रो. युनुस हकीम आदि थे। कार्यक्रम का उद्घाटन दीप जलाकर किया गया। कुलगीत के गायन से कार्यक्रम का आरंभ हुआ। सेमिनार के कनवेनर प्रो. विनय कुमार चौधरी ने आगत अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया। वहीं कार्यक्रम के मध्य में स्मारिका का विमोचन हुआ। कार्यक्रम का संचालन प्रो. अखिलेश मिश्र व धन्यवाद ज्ञापन ल0 ना0 मिथिला विश्वविद्यालय के कुलसचिव कर्नल निशीथ कुमार राय ने किया।

Share

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also

मिथिला लोक उत्सव में होगा मिथिला पेंटिंग प्रतियोगियता का आयोजन।

दरभंगा: दरभंगा जिला प्रशासन द्वारा 30 नवम्बर एवं 01 दिसम्बर को आयोजित किये जाने वाले मिथिल…