Home Featured कला के जरिए भी हृदय की भावना को आसानी से किया जा सकता है व्यक्त: मुकेश झा।
August 11, 2019

कला के जरिए भी हृदय की भावना को आसानी से किया जा सकता है व्यक्त: मुकेश झा।

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दरभंगा: कला के जरिए भी हृदय की भावना को आसानी से व्यक्त किया जा सकता है। बाढ़ अगर मिथिला के लिए अभिशाप है तो यह वरदान भी है। बाढ़ से तबाही बर्बादी हुई तो सुखी धरती की प्यास बुझी है। ऐसी ही बातों को नन्हें-मुन्ने बच्चों से लेकर स्नातक स्तर तक के पेंटिंग कलाकारों ने अपनी कलाकृति के माध्यम से प्रस्तुत किया है।
उपरोक्त बातें स्वयंसेवी संस्था डाॅ प्रभात दास फाउण्डेशन के सचिव मुकेश कुमार झा ने नागेन्द्र झा महिला महाविद्यालय में संस्था की तरफ से आयोजित ‘‘बाढ़-विभीषिका और मिथिला’’ विषयक पेंटिंग प्रतियोगिता के दौरान कहीं। रविवार को आयोजित इस प्रतियोगियता ने कुल 255 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। ढ़ाई घंटे की समयावधि तक चले इस प्रतियोगिता में कलाकारों की कुची ने हर्ष और विषाद दोनों को उकेरा। बाढ़ से बर्बाद किसानों के खेत हो, चैकी पर चैकी रखकर पानी में खाना बनाने का दृश्य हो या कंठ भर पानी में खुद को और पशुओं को बचाने का जद्दोजहद हो अथवा टिकटाॅक वीडियो बनाने के चक्कर में डूबने का दृश्य या फिर पानी में तैरकर आनंद लेते, मछली मारते लोग कलाकारों ने सबको अभिव्यक्त किया। हेलिकाॅप्टर से राहत बांटने का अभियान, पशुओं के लिए चारा काटती महिलाएं और बाढ़ में घर-द्वार सबकुछ लूटाकर सर पीटते लोग पेंटिंग प्रतियोगिता में बाढ़ विभीषिका और मिथिला का हर रूप सजीव हो उठा। प्रतियोगिता में जेसस् एंड मेरी एकेडमी, वूडवाईन स्कूल, डाॅन बास्को, इकरा एकेडमी, दिल्ली पब्लिक स्कूल, महात्मा गांधी शिक्षण संस्थान, संस्कार वैली पब्लिक स्कूल, एलएमएसएम काॅलेज, सीएम काॅलेज, एमके काॅलेज, एमआरएम काॅलेज, दरभंगा पब्लिक स्कूल, हैरो इंग्लिश स्कूल, मेडोना इंग्लिश स्कूल आदि शिक्षण-संस्थानों के प्रतिभागियों ने भाग लिया। साथ ही मिथिला पेंटिंग से जुड़े डेढ़ दर्जन कलाकारों ने भी संबंधित विषय वस्तु को पेंटिंग में दिखाया। डाॅ प्रभात दास फाउण्डेशन के सचिव मुकेश कुमार झा ने बताया कि पेंटिंग के क्षेत्र में दरभंगा के बच्चों को कोई प्लेटफार्म नहीं मिल रहा था। संस्था ऐसी प्रतियोगिता के जरिए कलाकारों की छुपी प्रतिभा को उभारने का प्रयास कर रही है। पेंटिंग भावनाओं को व्यक्त करने का उत्कृष्ट जरिया है और अंतराष्ट्रीय स्तर पर इसमें संभावनाएं उपलब्ध है। प्रतियोगिता का परिणाम 16 अगस्त को घोषित किया जायेगा। मौके पर शिक्षक मनोज केशरी, साकेत चैधरी, फाउण्डेशन के राजकुमार गणेशन, अनिल कुमार सिंह, मनीष आनंद आदि उपस्थित थे।

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