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September 5, 2019

बड़ा सवाल: आखिर क्यों करना पड़ा दुष्कर्म पीड़िता के पति को जहर खाने का प्रयास!

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दरभंगा: गुरुवार को वरीय पुलिस अधीक्षक कार्यालय में उस समय अफरातफरी मच गयी जब न्याय न मिलने का आरोप लगाते हुए बहेड़ा थाना क्षेत्र के दुष्कर्म पीड़िता के पति ने न्याय न मिलने से हताश होकर जहर खाने का प्रयास किया। पुलिस ने मौके से सल्फास की दो गोली बरामद की तथा एक गोली पानी में गिरा पाया गया। पीड़िता लगातार कह रही थी कि उसके पति ने गोली खा लिया है। वह घर से तीन गोली लेकर चली थी। दो गोली उसके पास थी जबकि एक उसके पति के पास। पुलिस ने दो गोली महिला के पास बरामद तथा एक गोली पानी मे गिरा पाया गया। पुलिस कर्मियों की तत्परता से उसे रोक लिया गया तथा एतियाहतन उसे डीएमसीएच में इलाज केलिए भेज दिया गया।

मामले के सम्बंध में बताया जाता है कि गत 4 अगस्त की रात गाँव के ही रिश्ते में जेठ लगने वाले आरोपी ने उक्त महिला को उठाकर अपहरण कर एक गोदाम में ले जाकर पहले उसका हाथ पैर बाँध दिया। फिर उसके साथ दुष्कर्म किया और फरार हो गया। साथ ही किसी को न बताने की धमकी भी दी। दुष्कर्म के बाद किसी प्रकार वह रोती बिलखती आयी और परिजन को दुखड़ा सुनाया। परिजन के साथ वह थाने पर केस करने गयी जहां उसका केस नही लेने और अभद्र व्यवहार करने का आरोप पुलिस ने लगाया। इसके बाद मानवाधिकार कार्यकर्ता मानवाधिकार इमरजेंसी हेल्पलाइन एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष मनोहर झा एवं सामाजिक कार्यकर्ता रवि पटवा आदि की पहल पर बहेड़ा थाना में कांड संख्या 374/19 दर्ज हुआ। पंरतु पीड़ित पक्ष आरोपित की गिरफ्तारी न होने से परेशान थे। अंततः इस मामले में दो दिन पहले 3 सितम्बर को पीड़िता के पति मानवाधिकार कार्यकर्ता के साथ आईजी पंकज दराद के पास पहुँचे तथा पीड़िता के पति के द्वारा उन्ही के समक्ष अनशन करने की जानकारी दी।
इस संबंध में मानवाधिकार कार्यकर्ता मनोहर झा ने बताया कि आईजी ने मामले पर संज्ञान लेते हुए अनशन नही करने को समझाया तथा तत्काल उनलोगों के सामने एसडीपीओ से बात की। एसडीपीओ ने मामले को ट्रू बताया। आईजी ने आरोपित के फरार रहने पर जल्द से जल्द कुर्की का आदेश निकलवाने का भी निर्देश एसडीपीओ को पीड़ित के सामने दिया।
श्री झा ने बताया कि इसके बाद आईजी श्री दराद के सकारात्मक पहल और एक सप्ताह के अंदर कारवाई के आश्वासन के बाद पीड़िता के पति ने अनशन को एक सप्ताह केलिए स्थगित किया। अगले ही दिन 4 सितम्बर को आरोपी का बेल रिजेक्ट हुआ। साथ ही इस तरह की घटना करने से पहले पीड़िता के पति ने सवेरे उन्हें खुद अखबार की कटिंग भेजी जिसमे एसडीपीओ के द्वारा कुर्की के आदेश का खबर था। इस तरह आईजी के पहल पर त्वरित गति से सकारात्मक रूप से पुलिस कार्य कर रही थी। फिर इसतरह के कृत्य को क्यों करना पड़ा, यह समझ से परे है।
पीड़िता के पति द्वारा जहर खाने के प्रयास के सवाल पर मानवाधिकार कार्यकर्ता ने वॉयस ऑफ दरभंगा को दूरभाष पर बताया कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है। साथ ही आईजी से मिलने और एक सप्ताह का समय मिलने का बाद पुलिस द्वारा सकारत्मक कार्य किया गया, इसके बाद फिर ऐसा क्यों किया गया, यह भी जांच का विषय है। चूंकि पीड़ित पक्ष परेशान रहते हैं और परेशानी में बुद्धि विवेक से सोचने में पूरी तरह सक्षम नही होते, इसलिए हो सकता है किसी ने इसतरह के गलत कृत्य केलिए उकसाया भी हो। पुलिस को इस बिंदु पर भी जांच करनी चाहिए और यदि किसी ने उकसाया है तो उसपर भी कारवाई होनी चाहिए।
मामले के सम्बंध में प्रतिक्रिया देते हुए एसएसपी बाबूराम ने कहा कि मामले में अभियुक्त फरार है। थानाध्यक्ष को तीन दिन का समय दिया गया है अभियुक्त की गिरफ्तारी केलिए। एसडीपीओ के नेतृत्व में टीम बनाकर छापेमारी की जा रही है। वहीं जहर खाने के प्रयास के बारे में एसएसपी ने बताया कि पीड़िता का कहना है कि उनके दोस्त इस घटना को लेकर मजाक उड़ा रहे थे। इसी से परेशान होकर उनके पति ने यह कदम उठाया।

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