Home Featured विद्यापति समारोह के अंतिम दिन कलाकारों ने बाँधा समा।
3 weeks ago

विद्यापति समारोह के अंतिम दिन कलाकारों ने बाँधा समा।

दरभंगा: तीन दिवसीय मिथिला विभूति पर्व के अंतिम दिन मंगलवार को कार्यक्रम का उदघाटन पद्मश्री डॉ. सीपी ठाकुर ने दीप प्रज्जवलित कर किया। इसके साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रम की अविरल धारा की शुरूआत हो गई, जो देर रात तक चली। डॉ. सुषमा झा, डॉ. ममता ठाकुर ने इस दौरान एक से बढ़कर एक प्रस्तुति देकर श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर दिया। इससे पूर्व सृष्टि फाउंडेशन के कलाकारों ने समा बांध दी। ओडीसा तक अपनी धाक जमा चुकी बिहार की प्रख्यात नृत्य संस्थान सृष्टि फाउंडेशन की ओर से नृत्य- नाटिका के रूप में की प्रस्तुति की गई। इस नृत्य के माध्यम से गीता के उपदेश की प्रस्तुति की गई। इसके माध्यम से बताया गया कि एकादशी तिथि रविवार के दिन कुरुक्षेत्र की रणभूमि में भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को लगभग 45 मिनट तक कर्तव्य व धर्म एवं ज्ञान की बातें सुनाई थी, जिसमें ज्ञान, भक्ति व कर्म-योग के मार्गों पर विस्तृत चर्चा की गई है। इन्हीं मार्गों पर चलकर व्यक्ति निश्चित रूप से परमपद का अधिकारी बन जाता है। नृत्य में भगवान श्री कृष्ण की भूमिका में सृष्टि के संस्थापक गुरु जयप्रकाश पाठक, अर्जुन की भूमिका में नयन कुमार मांझी, ब्रह्मा की भूमिका में सुबोध दास तथा सोनाधारी सिंह, स्वर्णम उपाध्याय, रुबी गुप्ता, कोमल मांझी, रितिका कुमारी ने अपनी प्रस्तुति से उपस्थित जनसमूह को भक्तिमय कर दिया। नृत्य नाटिका के माध्यम से यह भी बताया गया कि गीता का पावन ज्ञान सबसे पहले सूर्यदेव को प्राप्त हुआ था। इसके बाद सृष्टि की अंकिता झा, रिसिका भारती, रुबी गुप्ता, कोमल मांझी एवं स्वर्णम उपाध्याय ने मिथिलांचल के प्रसिद्ध लोक नृत्य झिझिया और सामा चकेवा से खचाखच भरे पंडाल को झूमने पर मजबूर कर दिया। नृत्य पर तालियों की संगत ने समां बांध दी। वहीं, नटराज डांस एकेडमी की ओर से मोहित खंडेलवाल एवं उनकी टीम ने प्रस्तुति दी। इसमें भगवती का वर्णन किया गया। भगवती के रूप को दिखाया गया एवं चिन्मस्तिका, दुर्गा, काली, भद्रकाली गौरी का विशाल रूप दिखा कर खूब तालियां बटोरी। इसके बाद कई कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति से पूरे परिसर को जीवंत कर दिया। मंच संचालन कमलाकांत ने किया। मौके पर नगर विधायक संजय सरावगी, एमएलसी डॉ. दिलीप कुमार चौधरी, पूर्व एमएलसी डॉ. विनोद चौधरी, पूर्व कुलपति राजकिशोर झा, रामकुमार झा आदि मौजूद थे। पूरा मैदान खचाखच दर्शकों से भरा पड़ा था।

समाचार सम्प्रेषण तक कार्यक्रम जारी था।

Share

2 Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also

दहेज के खातिर फिर एक अबला को घर से निकाला, बच्चों से भी किया दूर।

दरभंगा: दहेज लोभियों को दया धर्म कुछ नहीं होता उसे तो बस पैसा, मोटरसाइकिल या अन्य सामान चा…