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November 13, 2019

अपने हक के लिए आगे आएं मैथिल : सीपी ठाकुर

संविधान की आठवीं अनुसूची में दर्ज मैथिली का विकास तो हो रहा है लेकिन इसकी गति बहुत धीमी है। इसका प्रमुख कारण आम मैथिल हैं जो अपने स्वभाव के कारण अपने हक की लड़ाई के लिए आवाज बुलंद नहीं कर पा रहे जिसके वे अधिकारी हैं। ये बातें पूर्व केंद्रीय मंत्री पद्मश्री डॉ. सीपी ठाकुर ने कही। वे मंगलवार को विद्यापति सेवा संस्थान के तत्वावधान में आयोजित 47वें मिथिला विभूति पर्व समारोह के तीसरे दिन के कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए अपने विचार व्यक्त कर रहे थे।

डॉ. ठाकुर ने कहा कि यह कितना हैरतअंगेज है कि मैथिली विषय के साथ आज मद्रास, राजस्थान और हरियाणा का लड़का सिविल सेवा की परीक्षा बड़ी ही सहजता के साथ उत्तीर्ण कर रहा है। लेकिन मिथिला की प्रतिभा इसको लेकर अभी भी उतनी जागरूक नहीं हुई है। उन्होंने घोषणा की कि मैथिली की पढ़ाई अब प्राथमिक शिक्षा के पाठ्यक्रमों में भी जल्दी ही शामिल होगी। साथ ही एक काम जो काफी पीछे रह गया था उसमें भी अब बड़ी ही गति आ गई है। वह है वर्ष 1947 से पहले की गई मैथिली की रचनाओं को क्लासिक के रूप में शामिल किया जाना। उन्होंने कहा कि उनके कार्यो की प्राथमिकता सूची में यह कार्य सबसे ऊपर है। उन्होंने कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय में मैथिली की पढ़ाई जल्द शुरू होगी व एनसीईआरटी की प्राथमिक कक्षाओं में मैथिली विषय के साथ पढ़ाई की घोषणा हो चुकी है और जल्दी ही प्राथमिक शिक्षा के अन्य पाठ्यक्रमों में इसे शामिल किया जाएगा।

मधुबनी के सांसद डॉ. अशोक कुमार यादव ने कहा कि मैथिली के विकास के लिए वे न सिर्फ कृतसंकल्पित हैं बल्कि मिथिला व मैथिली के विकास के लिए जो भी प्रस्ताव उनके समक्ष लाया जाएगा उस पर हर संभव मदद करने से कभी गुरेज नहीं करेंगे। अध्यक्षीय संबोधन में पूर्व मंत्री एवं बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डॉ. मदन मोहन झा ने विश्वविद्यालय से लेकर यूपीएससी एवं बीपीएससी तक में शामिल संविधान की आठवीं अनुसूची की भाषा मैथिली की पढ़ाई प्राथमिक स्तर से शुरू किए जाने को समय की मांग बताते हुए मैथिली भाषा, साहित्य एवं धरोहर लिपि मिथिलक्षर के उन्नयन के लिए बनी कमेटी को कारगर बनाए जाने की जरूरत पर बल दिया। उद्घाटन सत्र में विधान परिषद सदस्य डॉ. दिलीप कुमार चौधरी, लनामि विवि के पूर्व कुलपति डॉ. राजकिशोर झा, पूर्व विधान पार्षद मिश्री लाल यादव आदि ने भी अपने विचार रखे।

इससे पूर्व बालेश्वर राम चौधरी के शहनाई वादन के साथ शुरू हुए तीसरे दिन के कार्यक्रम में वेद ध्वनि गंधर्व कुमार झा ने प्रस्तुत किया। कार्यक्रम की शुरुआत में सृष्टि फाउंडेशन के गुरु जयप्रकाश पाठक की ओर से भावपूर्ण नृत्य प्रस्तुत किया गया। वहीं नटराज डांस एकेडमी के निदेशक मोहित खंडेलवाल एवं उनके साथियों द्वारा महिषासुर मर्दिनी स्तोत्र पर आधारित भावपूर्ण नृत्य नाटिका प्रस्तुत की गई। केदारनाथ कुमार ने गणेश वंदना प्रस्तुत की जबकि मंगलाचरण ममता ठाकुर ने प्रस्तुत किया।तीसरे दिन के कार्यक्रम में जिन्हें मिथिला विभूति से सम्मानित किया गया उनमें मैथिली में शपथ ग्रहण करने वाले दरभंगा एवं मधुबनी के सांसद गोपाल जी ठाकुर एवं डॉ. अशोक कुमार यादव सहित संस्कृत साहित्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले डॉ गंगाधर पाठक के नाम उल्लेखनीय हैं।

दरभंगा से हवाई सेवा मार्च से : सांसद : समारोह के मुख्य अतिथि सांसद गोपाल जी ठाकुर ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार मिथिला व मैथिली के सर्वांगीण विकास के लिए कृतसंकल्प है और वह इस दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि मैं इस मंच से घोषणा करता हूं कि मार्च 2020 तक दरभंगा से हवाई सेवा की शुरुआत हो जाएगी। इसके अलावा मार्च 2020 से ही दरभंगा में सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल भी काम करना शुरू हो जाएगा। सांसद ने पुन: दोहराया कि डीएमसीएच परिसर में एम्स जरूर बनेगा।

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