Home Featured नुक्कड़ सभा के माध्यम से हड़ताली शिक्षको ने समाज को बताई अपनी मजबूरी।
4 weeks ago

नुक्कड़ सभा के माध्यम से हड़ताली शिक्षको ने समाज को बताई अपनी मजबूरी।

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दरभंगा: बिहार राज्य शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति के आह्वान पर हड़ताल के छब्बीसवें दिन शिक्षको ने दरभंगा टॉवर पर नुक्कड़ सभा करके अपने मांगो के प्रति लोगो को जागरूक किया और शिक्षको के हड़ताल में सहयोग करने की अपील की। मौके पर उपस्थित बिहार राज्य प्रारम्भिक शिक्षक संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष सह जिलाध्यक्ष शम्भू यादव में सभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि बिहार के साढ़े चार लाख शिक्षक 17 फरवरी से हड़ताल पर है और बिहार के छिहत्तर हजार विद्यालयो में ताले लटके हुए है, वाबजूद इसके सरकार हमारी मांगो पर विचार करने के बजाय हमपर कार्रवाई के लिए पत्र पर पत्र निकाल रही है। एक ओर जहां बिहार में रोजगार के लिए अभ्यर्थी भटक रहे है, वहीं दूसरी ओर सरकार नौकरी छिनने का काम कर रही है। समाज के लोगो को भी यह सोचना होगा कि उनके बच्चों को सरकार नियोजन के दंश में झोंकने की प्रयास कर रही है। शिक्षक मात्र अपनी लड़ाई ही नही लड़ रहे है बल्कि समाज की लड़ाई भी लड़ रहे है ताकि कल को कोई भी छात्र लाखो खर्च करके डीएलएड और बीएड करके नियोजित शिक्षक न बने। शिक्षक पेशा में कोई भी बच्चा मजबूरी से न बल्कि स्वेच्छा से आये और उसे वह सभी अधिकार मिले जो पुराने शिक्षको को मिलता आ रहा है। हम भावी पीढ़ी के सुरक्षित भविष्य की लड़ाई लड़ रहे ताकि वंचित,गरीब समुदाय के बच्चों के साथ भविष्य में हमारे तरह छला न जाए। इसलिए यह जरूरी हो गया है कि समाज के सभी वर्ग के लोग हमारा साथ दे और इस लड़ाई में बराबर के सहभागी बने।आगे उन्होंने कहा कि अगले एक सप्ताह तक जिला के शिक्षक गाँव गाँव में नुक्कड़ सभा के माध्यम से लोगो को इस लड़ाई में साथ लाने का आह्वान करेंगे। वही सभा को सम्बोधित करते हुए प्राथमिक शिक्षक संघ गोपगुट के जिलासचिव नंदन सिंह ने कहा कि यह लड़ाई महज शिक्षको के वेतनमान की नही है यह लड़ाई एक विद्यालय में कार्य कर रहे शिक्षको की समानता की लड़ाई है। समाज मे जब जब शासन निरकुंश हुआ है शिक्षको ने आंदोलन करके उस सत्ता को सचेत किया है। दुबे आयोग और कोठारी आयोग के सिफारिशों को सरकार ने रद्दी की टोकरी में फेंक कर वंचित गरीब के साथ दोहरी मापदंड तय कर दी जिससे हमलोग उबरने के लिए आज सडको पर है। यह लड़ाई समाज के उन सभी वर्गों की लड़ाई है जो चाहते है कि बिहार की शिक्षा व्यवस्था में सुधार हो। इसलिए हम इस सभा के माध्यम से समाज को जागृत करने के लिए आये है और सरकार के कुरीतियों को समाज के बीच रख रहे है।
सभा को बिहार राज्य प्रारम्भिक शिक्षक संघ के जिला उपाध्यक्ष प्रशांत झा, अजय यादव, शोभाकांत शर्मा, मो इमरान, फतह आलम, मो शाहनवाज, दिगम्बर यादव, संतोष चौधरी, विक्रम कुमार, एहतेकाम आदि ने भी सम्बोधित किया।

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